बरेली में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस ने पिछले 24 घंटों के भीतर बड़ा और सख्त प्रवर्तन अभियान चलाया। शहर में बढ़ती यातायात अव्यवस्था और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से ट्रैफिक पुलिस, थाना पुलिस और प्रवर्तन शाखा की संयुक्त टीमों ने विभिन्न प्रमुख स्थानों पर लगातार चेकिंग की। यह ड्राइव मुख्यतः व्यस्त चौराहों, हाईवे के महत्वपूर्ण हिस्सों, बाजार क्षेत्रों और उन मार्गों पर केंद्रित रही, जहां नियमों की अनदेखी की शिकायतें अधिक मिलती हैं।
अभियान के दौरान पुलिस ने हेलमेट के बिना दोपहिया चलाने वालों, कार में सीट बेल्ट न लगाने, तेज गति से वाहन चलाने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए ड्राइविंग करने, रॉंग साइड चलने और स्टंट करने जैसी खतरनाक गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की। कई चालकों को मौके पर ही भारी शमन शुल्क देना पड़ा, जबकि कुछ वाहनों को सीज भी किया गया।
इसके साथ ही पुलिस की विशेष नजर उन वाहनों पर भी रही जिनके पास दस्तावेज अधूरे थे। बिना बीमा, बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस और बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के चल रहे वाहनों पर कार्रवाई की गई। काली फिल्म, प्रेशर हॉर्न, हूटर, सायरन और जाति-विशेष शब्द या स्टिकर लगाए वाहनों को भी रोका गया और नियमों के अनुसार चालान किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 24 घंटे के भीतर विभिन्न श्रेणियों में जारी चालानों की संख्या सैकड़ों में पहुंच गई, जबकि वसूला गया जुर्माना लाखों रुपये के आंकड़े को पार कर गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगी ताकि शहर में सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित हो सके और दुर्घटनाओं में कमी आए।
पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे यातायात नियमों को गंभीरता से लें। हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग, गति सीमा का पालन, स्टंट से परहेज, वाहन चलाते समय मोबाइल न उपयोग करना तथा वाहन के जरूरी दस्तावेज साथ रखना—ये सभी बातें न केवल कानून की मांग हैं, बल्कि जीवन की सुरक्षा से भी सीधे जुड़े हुए हैं।
इस विशेष अभियान के बाद शहर में यातायात अनुशासन को लेकर जागरूकता में वृद्धि देखी गई है। भारी चालानों और सख्ती ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि नियमों की अवहेलना पर अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।