बरेली में 26 सितंबर को हुए उपद्रव से जुड़े मामलों में बड़ी कानूनी राहत मिली है। अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या चार, अमृता शुक्ला ने मंगलवार को 15 आरोपियों की जमानत याचिकाएँ स्वीकार करते हुए उन्हें बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश जारी किया। हालांकि, ये आरोपी तुरंत जेल से बाहर नहीं आएँगे, क्योंकि उन पर दर्ज अन्य मामलों में जमानत आदेश अभी लंबित हैं। पाँच थाना क्षेत्रों में कुल दस मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें अलग-अलग स्तर पर सुनवाई चल रही है।
मौलाना तौकीर रज़ा सहित कई अन्य आरोपियों ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से जमानत के लिए याचिकाएँ दाखिल की थीं। बचाव पक्ष और अभियोजन के बीच लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने कोतवाली और प्रेमनगर थाने में दर्ज एक-एक प्रकरण में मौलाना तौकीर रज़ा को जमानत मंजूर कर दी। मौलाना को इससे पहले एक अन्य केस में भी जमानत मिल चुकी है।
इसके अतिरिक्त, किला थाना क्षेत्र के कंघी टोला निवासी नफीस, नीम वाली मस्जिद क्षेत्र के फरहाज, कोतवाली क्षेत्र के बिहारीपुर मेमरान निवासी मुनीर इदरीशी को भी एक-एक मामले में जमानत प्रदान की गई है।
जिन आरोपियों को जमानत मिली
बारादरी थाने में दर्ज एक मुकदमे में फाइक एन्क्लेव निवासी मोइन, फरहत और रफीक को राहत मिली है। चक महमूद निवासी नदीम खान और बबलू खान को दो मामलों में जमानत दी गई है। शाहबाद निवासी अल्तमस तथा हाजियापुर निवासी नाजिद रज़ा खान को भी कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज मुकदमे में मौलाना तौकीर रज़ा के अलावा रोहिली टोला बजरिया निवासी मोहम्मद नदीम खान, फाइक एन्क्लेव निवासी मोइन खान व फरहत खान, भूड़ काहाड़ापीर निवासी अमान हुसैन और नगरिया परीक्षित निवासी जीशान की जमानत याचिकाएँ भी स्वीकृत हो गई हैं।
अदालत के आदेश के बावजूद आरोपियों की रिहाई अन्य लंबित मुकदमों में मिलने वाली जमानत पर निर्भर करेगी। अगले कुछ दिनों में इन मामलों पर भी सुनवाई होने की संभावना है।