जनपद बरेली के थाना विशारतगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गौकशी में सक्रिय तीन शातिर आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शाकिर, इमरान उर्फ पेप्सी और अनीस उर्फ अन्नी के रूप में हुई है, जो लंबे समय से इलाके में गौवध की घटनाओं में शामिल रहे हैं। पुलिस ने इनके पास से दो अवैध तमंचे 315 बोर, दो जिंदा और पांच खाली कारतूस, एक मोटरसाइकिल तथा गौकशी में उपयोग होने वाला प्लास्टिक का कट्टा और रस्सी बरामद की है।
घटना की पृष्ठभूमि 20 नवंबर को सामने आई थी, जब अलीगंज–विशारतगंज बॉर्डर की केला फैक्ट्री के निकट जंगल के हिस्से में दो गौवंशीय बछड़े मृत पाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सर्विलांस, एसओजी और स्थानीय पुलिस को मिलाकर एक विशेष टीम गठित की। जांच के दौरान लगातार इस गिरोह की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही थी।
30 नवंबर की रात पुलिस को सूचना मिली कि यही गिरोह सरकारी ट्यूबवेल के पास फिर से गौकशी की योजना बना रहा है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपियों ने घेराबंदी देख फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीनों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें काबू कर लिया गया और इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे आवारा गौवंश को पकड़कर जंगल में वध कर मांस बेचते थे। उन्होंने यह भी कबूला कि करीब 8–10 दिन पहले केला फैक्ट्री के पास दो बछड़ों को मारकर मांस बेचा था। पकड़े जाने से बचने के लिए ये आरोपी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते थे और जंगल की पगडंडियों से ही आवाजाही करते थे।
तीनों अपराधियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, गौकशी, गैंगस्टर और अन्य गंभीर धाराओं में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। थाना प्रभारी सतीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।