दहगवा नगर में चल रहे ऐतिहासिक माधव किसान मेला नुमाइश और दंगल के दूसरे दिन अखाड़े में रोमांच चरम पर रहा। दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए नामी पहलवानों ने अपने दांव-पेंच और ताकत का शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का मन मोह लिया। दिन भर में कुल 40 कुश्तियां हुईं, जिनमें कई मुकाबले बेहद कांटे के रहे।
दूसरे दिन की सबसे चर्चित महंगी कुश्ती राजेश सेमरा और शेख जलालाबाद के बीच लड़ी गई, जो जोरदार संघर्ष के बाद बराबरी पर समाप्त हुई। महिला पहलवान आरती बुलंदशहर और पहलवान मोहित कदरवाड़ी के बीच हुआ मुकाबला भी कड़ा रहा और यह भी बराबरी पर छूटा।
अन्य प्रमुख मुकाबलों में नवनीत जिजोड़ा ने सनी सरावली को पटका, जबकि तालेवाड़ उमर ने कद्राबाद के पहलवान को हराया। शकीरा जलालाबाद ने वसीम शेखूपुर को मात दी। ओमवीर आगरा ने सोनू मथुरा, और रिंकू अलीगढ़ ने रवि जेवर को हराकर बढ़त बनाई। इसके अलावा अर्जुन जिजोड़ा ने काका अकसोली को पछाड़ा और बंटी हाथरस ने विष्णु आउलखेड़ा को परास्त किया।
दंगल का शुभारंभ मेला मालिक ई० मयंक गुप्ता और भाजपा युवा नेता विश्वजीत गुप्ता ने पहलवानों से हाथ मिलाकर किया। सैकड़ों दर्शकों की मौजूदगी ने अखाड़े का जोश कई गुना बढ़ा दिया। विजेता पहलवानों को मेकर्स द्वारा सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
मंच पर पूर्व प्रधान नरेश चंद्र गुप्ता, जिला सदस्य कुलदीप गुप्ता (मालपुर), जफर अली सैफी, मजहर अली सैफी, जसवीर राणा, मोहम्मद उमर अली जुगनू, बिजेंद्र यादव, सानू चौधरी, पिंटू मोदी, लालतेश शाक्य, दर्शन कश्यप, हार्वेस यादव, राजेश यादव सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
रेफरी की जिम्मेदारी बाबूराम कश्यप ने निभाई। दंगल की व्यवस्था थाना शरीफनगर व दहगवा नगर चौकी इंचार्ज भूप सिंह और पूरी पुलिस टीम ने संभाली, जिसकी दर्शकों और पहलवानों ने सराहना की।
मेला आयोजन समिति के अनुसार विजेता पहलवान को पूरा इनाम दिया जाता है, जबकि पराजित होने वाले पहलवान को भी 20 प्रतिशत पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है। यह विशेष व्यवस्था इस मेले की अनूठी पहचान है।
करीब 30–35 साल पुराना यह माधव किसान मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर