ठंड में घने कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में वाहनों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप न होना दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण बनता है। इस खतरे को देखते हुए परिवहन विभाग ने जनपद के सभी व्यवसायिक वाहन स्वामियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राजेश राजपूत और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) नीतू सिंह ने अपील की है कि सभी वाहन मालिक अपनी गाड़ी पर निर्धारित मानकों के अनुसार परावर्तक टेप/रियर मार्किंग लगवाएं, अन्यथा कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
विभिन्न वाहनों के लिए रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाने के नियम—
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मालवाहन 3.5 टन–7.5 टन: सामने सफेद पट्टी और पीछे लाल पट्टी, दोनों की चौड़ाई कम से कम 20 एमएम।
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मालवाहन 7.5 टन से ऊपर: सामने सफेद पट्टी, चौड़ाई 50 एमएम से कम न हो।
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ट्रेलर/सेमी ट्रेलर (7.5 टन+): पीछे एवं किनारों पर रेखीय परावर्तक चिन्हांकन अनिवार्य।
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कृषि ट्रैक्टर: पीछे दोनों ओर कम से कम 7 वर्ग सेमी क्षेत्र वाले गैर-त्रिकोण लाल परावर्तक।
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यात्री वाहन: सामने सफेद और लाल पट्टी, एम-3 श्रेणी में किनारों पर पीली पट्टी, चौड़ाई 50 एमएम अनिवार्य।
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ई-रिक्शा/ई-कोर्ट व तीन पहिया वाहन: सामने सफेद और पीछे लाल पट्टी, सामने की पट्टी 50 एमएम चौड़ी।
परिवहन आयुक्त के निर्देशानुसार यदि इन नियमों का पालन नहीं किया गया तो केन्द्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 की नियम 104 और मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 190(2) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहली बार उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये जुर्माना या 3 महीने की कैद या दोनों, साथ ही 3 माह के लिए लाइसेंस निलंबन। दूसरी बार में 10,000 तक जुर्माना, 6 महीने की कैद या दोनों तथा फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जाएगा।
जनपद में 05 से 11 दिसंबर 2025 तक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने वाहन मालिकों से अपील की है कि सभी एआईएस-090 और एआईएस-089 मानक वाले रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप तुरंत लगवाएं, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम हो और अनावश्यक जुर्मानों से भी बचा जा सके।