शहर में 26 सितंबर को हुए उपद्रव और पुलिस पर जानलेवा हमले के मामलों में आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा समेत 46 आरोपियों की मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में पेशी कराई गई। यह पेशी सुरक्षा कारणों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। मामले से जुड़े कुल सात मुकदमों की सुनवाई के लिए अदालत ने तिथियाँ नियत की हैं।
जानकारी के अनुसार, 26 सितंबर को शहर में बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र कर उपद्रव कराने, पुलिस टीम पर हमला करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों में मौलाना तौकीर रजा मुख्य आरोपी नामित हैं। मंगलवार को उनकी पेशी फतेहगढ़ सेंट्रल जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कराई गई।
इसी तरह तौकीर रजा के करीबी रहे नदीम, डॉ. नफीस, फरहान, अनीस सहित कुल 45 अन्य आरोपियों की पेशी जिला कारागार से वीडियो लिंक के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका पांडे के समक्ष संपन्न हुई। अदालत ने सभी आरोपियों की उपस्थिति दर्ज करने के बाद संबंधित मामलों में अगली सुनवाई की तिथियां जारी कीं।
अदालत ने सात में से पाँच मामलों की सुनवाई की अगली तारीख 12 दिसंबर निर्धारित की है, जबकि शेष दो मामलों की सुनवाई 22 दिसंबर को होगी। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और केस डायरी में अद्यतन विवरण शामिल करने के निर्देश भी दिए हैं।
उपद्रव से जुड़े ये सभी मुकदमे गंभीर धाराओं में दर्ज हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा, हिंसक प्रदर्शन और भीड़ प्रबंधन कानूनों का उल्लंघन शामिल है। पुलिस प्रशासन पहले ही इन मामलों को संवेदनशील श्रेणी में रख चुका है। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी कराने का निर्णय सुरक्षा और व्यवस्था की दृष्टि से लिया गया है।
सभी 46 आरोपियों के विरुद्ध मामलों की सुनवाई अब निर्धारित तिथियों के अनुसार आगे बढ़ेगी। अदालत का कहना है कि सभी प्रकरणों में कानूनी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।