रबी सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने जिलेभर में उर्वरक दुकानों की सघन जांच अभियान चलाया। जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी के अनुसार, अब तक 1036 खाद विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जिसमें कई अनियमितताएँ सामने आईं। निरीक्षण के दौरान टीमों ने 227 उर्वरकों के नमूने परीक्षण हेतु संग्रहित किए।
कार्रवाई के दौरान गुणवत्ता और वितरण प्रक्रियाओं में गड़बड़ी पाए जाने पर 33 दुकानों के लाइसेंस तात्कालिक प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। इसके अलावा तीन विक्रेताओं के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं के चलते एफआईआर दर्ज कराई गई है। कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि नियम विरुद्ध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि उन्हें खाद वितरण, मूल्य व गुणवत्ता से संबंधित कोई समस्या हो तो वे नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर 9149193451 पर किसी भी कार्य दिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं।
इस बीच कृषि विभाग ने दिसंबर माह के लिए खाद उपलब्धता रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि जिले में किसी प्रकार की कमी नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार—
-
यूरिया: लक्ष्य 43,217 मीट्रिक टन, उपलब्ध 48,661 मीट्रिक टन
-
डीएपी: लक्ष्य 14,103 मीट्रिक टन, उपलब्ध 18,412 मीट्रिक टन
-
एनपीके: लक्ष्य 14,115 मीट्रिक टन, उपलब्ध 19,357 मीट्रिक टन
-
एसएसपी समेत अन्य खाद भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद है।
जिला कृषि अधिकारी ने उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि वह खाद का वितरण केवल पीओएस मशीन के माध्यम से करें और किसी भी किसान से निर्धारित मूल्य से अधिक धन न लें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई विक्रेता उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 या आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता किसानों तक सही समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक पहुंचाना है और इस मिशन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।