झारखंड राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार परिवार में करीब पौने 24 साल बाद वैवाहिक जश्न मनाया जा रहा है। बरेली में दो दिवसीय वैवाहिक कार्य आईवीआरआई परिसर में आयोजित किया गया है। पहले दिन बुधवार सुबह से ही भारत सेवा ट्रस्ट स्थित आवास पर मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो गए। महिला संगीत समेत परंपरागत सभी कार्यक्रम हुए। आईवीआरआई में आयोजित समारोह मंच पर लगुन और सगाई मंत्रोच्चार बीच हुई। इस मौके पर वधू पक्ष ने दक्षिण और पश्चिम भारतीय परंपरा निभाई। कार्यक्रम को देखकर ऐसा लग रहा था कि दो संस्कृतियों का आपस में मधुर मिलन हो रहा हो।
बुधवार पूर्वाह्न से आईवीआरआई में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मेहमान पहुंचना शुरू हो गए थे। वधू पक्ष मेहमान वहां पहले से ही आ चुके थे। इसके साथ ही तमाम मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि और आगंतुकों ने बधाई और शुभकामनाएं देना शुरू कर दिया। बड़े मैदान पर विभिन्न प्रकार के व्यंजन, खान पान सामग्री आदि परोसी जा रही थी। पहुंचने वाले मेहमानों ने सुरुचि पूर्ण भोजन आदि किया। यह सिलसिला देर शाम तक चला। इसी बीच शाम होते ही मंच पर लगुन और सगाई कार्यक्रम शुरू हुआ।
पंडित जी ने दोनों पक्षों को संबोधित किया और दक्षिण भारत भाषा और संस्कृति संबंधी ज्ञान भी दिया। उन्होंने कहा कि दोनों संस्कृतियां एक ही हैं। संस्कृत भाषा में उच्चारित होने वाले वेद मंत्र और श्लोक में 60 प्रतिशत से अधिक दक्षिण भारतीय भाषा है। उनका कहना था कि दक्षिण भारत में बोली जाने वाली भाषा तमिल, कन्नड़, तेलगु, मलयालम आदि में संस्कृत बाहुल्यता है। दक्षिण भारत में संस्कृत ज्यादा इस्तेमाल की जाती है इसलिए वहां की भाषा जटिल लगती है। जबकि इन भाषाओं में सनातन और हिंदू परंपरा बहुत ही संपन्न है।
पंडित जी ने मंत्रोच्चार बीच प्रक्रिया आगे बढ़ाई और लगुन एवं सगाई की सभी रस्में संपन्न कराईं। बेंगुलुरू से आए वधू पक्ष वाले अपने साथ भगवान तिरुपति और मीनाक्षी चित्र लेकर आए थे। उन्होंने इनको साक्षी मानकर विधिवत पूजन कराया। पूजन कार्यक्रम में सर्व मान्य प्रथम देवता श्री गणेश जी विराजमान रहे।
मंच पर ये रहे मौजूद
पहले दिन वैवाहिक कार्यक्रम परंपरा मंच पर संपन्न कराई गई। मंच पर सीमित लोग ही मौजूद रहे, जिनमें वर अपूर्व गंगवार के मामा वीरेंद्र गंगवार उर्फ वीरू अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक, बहन श्रुति गंगवार अध्यक्ष बरेली अर्बन कोआपरेटिव बैंक, बहनोई सुबोध सचान, रिश्तेदार देवेश गंगवार आदि नजदीकी रिश्तेदार मौजूद रहे। वधू संजना की मां अलामेलू दुद्ढा श्रीपति, पिता गोपाल शेषाद्री आदि परिजन और नजदीकी रिश्तेदार मौजूद रहे।
पहले दिन बड़ी तादात में पहुंचे मेहमान और वीआईपी
पहले दिन वैवाहिक कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, वरिष्ठ मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, धर्मपाल सिंह, डॉ. अरुण सक्सेना, संजय गंगवार, विभिन्न विभागों एवं आयोग अध्यक्ष, विधायक संजीव अग्रवाल, डॉ. एमपी आर्य, डॉ. डीसी वर्मा, प्रो. श्याम विहारी लाल, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, महाराज सिंह, भाजपा अध्यक्ष अधीर सक्सेना, आदेश प्रताप सिंह, नगर पालिका व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष, सभासद, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, तमाम प्रधान, जनप्रतिनिधि, अधिकारी आदि बधाई देने पहुंचे। मुख्य वैवाहिक कार्यक्रम गुरुवार शाम 7 बजे से शुरू होगा, जबकि दोपहर से शाम तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई विशिष्ठ अतिथि समारोह में भाग लेंगे। इस दौरान आम मेहमान सुरक्षा कारणों से समारोह में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। इसलिए वैवाहिक समारोह में सभी आमंत्रित मेहमान शाम 7 बजे से पहुंचना शुरू होंगे।
अबकी पिछले विवाह जैसी अव्यवस्स्था नहीं
22 अप्रैल 2002 में तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री संतोष कुमार गंगवार के परिवार में उनकी पुत्री श्रुति गंगवार का विवाह सुबोध सचान से हुआ था। बड़ी तादात में मेहमान और समर्थक कार्यक्रम में पहुंच गए थे, जबकि आम लोगों के लिए पूरे दिन भोजन तय था। जबकि देर शाम से रात तक विशिष्ठ मेहमानों के लिए कार्यक्रम रखा गया था। बड़ी तादात में लोगों के पहुंचने से सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई थीं। केंद्रीय मंत्री हो या फिर उत्तर प्रदेश राज्यपाल सभी मेहमान इससे प्रभावित हुए। मंच भी अव्यवस्था से अछूता नहीं रहा। मंच पर इतने लोग चढ़ गए कि वह धरशायी हो गया। यह घटनाक्रम लोगों के बीच चर्चा बना रहता है।
इस बार वैवाहिक आयोजन में प्रबंधन बहुत ही व्यवस्थित नजर आया। मैदान भी पहले से काफी बड़ा है। सुरक्षा और पार्किंग आदि की व्यवस्था बेहतर होने से किसी को कोई असुविधा नहीं हुई। पांडाल बड़ा होने से खान पान स्टालों पर किसी प्रकार की कोई धक्का-मुक्की जैसी स्थिति नहीं नजर आई। तमाम प्रकार के व्यंजनों ने मेहमानों को लुभाया और कोई कमी नहीं दिखी।