जागरण टुडे, कासगंज।
थाना सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र के कादरगंज गंगा घाट पर 16 दिन पहले हुए दर्दनाक हादसे का अंत गुरुवार को अत्यंत दुखद दृश्य के साथ हुआ। गंगा में डूबकर लापता हुए गंजडुंडवारा के मोहल्ला धनपाल निवासी कन्हैया लाल (16) पुत्र अरविंद वर्मा का नर कंकाल गुरुवार सुबह गंगा किनारे मिला। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान की, जिसके बाद घर में चीख–पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना 25 नवंबर की है, जब कन्हैया अपने परिवार के साथ अपने बाबा राजाराम वर्मा की अंत्योष्टि में कादरगंज घाट पहुंचा था। अंतिम संस्कार के बाद परिवार के सदस्य गंगा स्नान कर रहे थे। इसी दौरान कन्हैया का बड़ा भाई विक्रांत अचानक गहराई में चला गया और डूबने लगा। भाई को बचाने के लिए कन्हैया बिना एक पल गंवाए नदी में कूद पड़ा। विक्रांत तो किसी तरह तैरकर किनारे पहुंच गया, लेकिन कन्हैया तेज बहाव में बहकर गहरे पानी में समा गया और लापता हो गया।
हादसे के तुरंत बाद पीएसी फ्लड यूनिट और स्थानीय गोताखोरों ने तलाश शुरू की। बाद में प्रशासन ने एसडीआरएफ टीम को भी खोज अभियान में लगाया। कई दिनों तक नावों, उपकरणों और आधुनिक तकनीक की मदद से व्यापक खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका।
गुरुवार सुबह गंगा किनारे मछली पकड़ने पहुंचे कुछ युवकों ने तट के पास गड्ढे में एक नर कंकाल देखा। भय और आशंका के चलते उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। चौकी प्रभारी धीरज कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और बताया कि कंकाल लगभग तीन किलोमीटर दूर किनारे पर मिला है। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान कन्हैया के रूप में की।
थाना प्रभारी चंचल सिरोही ने बताया कि पंचनामा भरकर कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कन्हैया के अवशेष बरामद होने की खबर के बाद परिवार में मातम पसर गया। मां-बाप, भाई और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा मोहल्ला सदमे में है और लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। इस बहादुर किशोर की दुखद मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है।