जागरण टुडे,कासगंज।
सरकार द्वारा संचालित 108 एंबुलेंस सेवा एक बार फिर जीवन रक्षक साबित हुई है। ताजा मामला कासगंज जिले के ढोलना कोतवाली क्षेत्र के छावनी गांव का है, जहां समय पर मिली आपातकालीन सेवा ने एक युवती की जिंदगी बचा ली। जानकारी के अनुसार, सहरीन पुत्री सत्तार खां, निवासी छावनी, ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। घरवालों ने जब उसे फंदे पर देखा, तो तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए उसे नीचे उतारा और उसकी सांसें चल रही थीं, लेकिन हालत नाजुक बनी हुई थी।
घटना के बाद सहरीन के भाई शाहरुख ने बिना देर किए 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया। सूचना मिलते ही एंबुलेंस टीम—ईएमटी अवधेश कुमार और पायलट दिनेश कुमार—कुछ ही समय में मौके पर पहुंच गई। मौके पर पहुंचकर टीम ने प्राथमिक जांच की और युवती को गंभीर स्थिति में पाकर तुरन्त एंबुलेंस में शिफ्ट किया। एंबुलेंस टीम ने लखनऊ के 108 कॉल सेंटर में तैनात डॉक्टरों से लाइव परामर्श लेकर उपचार शुरू किया।
डॉक्टरों के निर्देश पर ईएमटी अवधेश कुमार ने सहरीन को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया और फ्री हॉस्पिटल केयर के अंतर्गत आवश्यक प्राथमिक उपचार प्रदान किया। एंबुलेंस कर्मियों की तत्परता और चिकित्सकीय दिशानिर्देशों के कारण युवती की स्थिति धीरे-धीरे स्थिर होने लगी। इसके बाद उसे सुरक्षित जिला अस्पताल कासगंज पहुंचाया गया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि सहरीन की हालत अब खतरे से बाहर है और उचित उपचार जारी है।
स्थानीय लोगों ने 108 एंबुलेंस सेवा तथा उसमें तैनात कर्मियों की प्रशंसा की है। उनका कहना है कि यदि एंबुलेंस टीम समय पर न पहुंचती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। गांव के लोगों ने भाई शाहरुख की भी सराहना की, जिन्होंने सही समय पर एंबुलेंस बुलाकर बहन की जान बचाई।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सरकार द्वारा संचालित 108 एंबुलेंस सेवा आपात स्थितियों में आमजन के लिए संजीवनी का काम कर रही है और समय पर मिली स्वास्थ्य सहायता कई जिंदगियाँ बचा रही है।