जनपद बरेली के मीरगंज विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत कार्यरत मीटर रीडरों की लापरवाही और मनमानी के चलते उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि गलत मीटर रीडिंग के कारण उन्हें वास्तविक खपत से कहीं अधिक बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि गलत रीडिंग को लेकर कई बार शिकायत करने के बाद भी मीटर रीडरों पर कोई कार्रवाई नहीं होती, जिससे उनकी लापरवाही लगातार बढ़ रही है। इसी क्रम में तहसील क्षेत्र के शाही नगर पंचायत के मोहल्ला सुभाष नगर निवासी जगतपाल सिंह ने बिजली बिल अधिक आने की लिखित शिकायत विद्युत उपखंड मीरगंज के अधिकारी को सौंपी है।
जगतपाल सिंह का आरोप है कि पिछले कई महीनों से वास्तविक खपत से कई गुना अधिक बिजली बिल भेजा जा रहा है। उनका कहना है कि मीटर में तकनीकी खराबी के कारण यूनिट रीडिंग असामान्य रूप से तेजी से बढ़ रही है, जिससे अत्यधिक बिल आ रहा है। किसान जगतपाल सिंह ने बताया कि गलत बिलों के कारण उन्हें लगातार आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कई बार विभागीय कर्मचारियों को मौखिक रूप से समस्या बताई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका। बता दें कि इस तरह का मामला एक नहीं है! रोजाना बिजली बिल संशोधन हेतु रोजाना मीरगंज विद्युत् उप केंद्र मीरगंज पर जमावड़ा लगा रहता है !
समस्या का समाधान न होने पर मजबूर होकर उपभोक्ताओं ने उपखंड अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए मांग की है कि मीटर की तकनीकी जांच कराई जाए और सही रीडिंग के आधार पर संशोधित बिल जारी किया जाए। वहीं दूसरी ओर, मनकरा निवासी दलित कालीचरन ने भी मीटर रीडिंग में तकनीकी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मीटर रीडिंग लेने आने वाले कर्मचारी अंदाज के आधार पर रीडिंग देखकर बिल बना देते हैं, जिससे उनका बिल अनावश्यक रूप से अधिक आ रहा है।
उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर मीटर रीडरों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।