एजेंसी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में स्थित प्रसिद्ध बॉन्डी बीच पर हनुक्का (Chanukah) के उत्सव के दौरान हुए भयानक आतंकी गोलीबारी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हमले में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने इस घटना को यहूदी समुदाय को लक्षित आतंकवादी हमला करार दिया है।
यह हमला रविवार देर शाम करीब 6:40 बजे (स्थानीय समय) उस वक्त हुआ, जब बॉन्डी बीच पर हनुक्का उत्सव के अवसर पर कई सौ लोग एकत्रित थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो बंदूकधारी हमलावरों ने अचानक भीड़ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। कुछ ही पलों में बीच का इलाका चीख-पुकार, अफरा-तफरी और भगदड़ में तब्दील हो गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं और पूरे इलाके को घेरकर सुरक्षित जोन घोषित कर दिया गया। पुलिस कार्रवाई के दौरान एक हमलावर को मौके पर ही मार गिराया गया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार हमलावर की हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों हमलावर पिता-पुत्र थे और उन्होंने लाइसेंस प्राप्त हथियारों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा हमले से जुड़ी एक कार से विस्फोटक उपकरण (IED) भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें बम निरोधक दस्ते ने समय रहते निष्क्रिय कर दिया। न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने आसपास के इलाकों में छापेमारी तेज कर दी है और हमले के पीछे के मकसद की गहन जांच की जा रही है।
इस हमले के दौरान स्थानीय निवासी अहमद अल अहमद ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए एक हमलावर से हथियार छीनने की कोशिश की, जिससे कई लोगों की जान बच सकी। हालांकि इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी बहादुरी की दुनियाभर में सराहना हो रही है।
घटना के बाद पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की है। वहीं स्थानीय समुदाय और अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए शांति और सुरक्षा बनाए रखने का आह्वान किया है।