नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने मंगलवार सुबह शहर के कई वार्डों में जाकर अचानक निरीक्षण किया। उन्हें मुंशीनगर वार्ड-10 में सड़कों पर कचरे के ढेर, चोक नालियां और साफ‑सफाई में अव्यवस्था मिली। गंदगी देख गुस्साए नगर आयुक्त ने सफाई नायक संतोष कुमार गुप्ता को तत्काल निलंबित कर दिया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों से नगर आयुक्त ने सफाई की स्थिति के बारे में पूछा गया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
मुंशीनगर के बाद नगर आयुक्त ने परसाखेड़ा, कर्मचारी नगर, कुर्मांचल नगर और सीएम ग्रिड साइट पर चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। नगर आयुक्त को 15वें वित्त आयोग से बन रही सड़कों और नालियों की गुणवत्ता उम्मीद के अनुरूप नहीं मिली। इस पर उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस जारी करने का निर्देश देते हुए कार्य गुणवत्ता के साथ कराने के निर्देश दिए। नालियों के निर्माण में भी छिटपुट खामियां मिलीं।
नगर आयुक्त ने दो टूक कहा कि नालियों का अलाइनमेंट सही होना चाहिए, कहीं भी पानी रुकने की स्थिति नहीं बने और लेवलिंग ठीक तरीके से हो। यदि गुणवत्ता में कमी पाई गई तो भुगतान रोकने के साथ-साथ संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने आसपास के लोगों से भी पूछा कि वह निर्माण कार्य और सफाई कार्य से संतुष्ट हैं कि नहीं। अधिकारियों को चेतावनी दी कि सफाई या निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में किसी भी वार्ड में गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार अफसर और कर्मचारी सीधे कार्रवाई के दायरे में आएंगे।