बरेली में सोशल मीडिया के जरिए जान से मारने की धमकियों का एक गंभीर मामला सामने आया है। गौ रक्षक ऋषभ ठाकुर को कथित रूप से इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर लगातार धमकियां दी जा रही हैं। इन संदेशों में उन्हें जान से मारने, अंग-भंग करने और झूठे मुकदमों में फंसाने जैसी चेतावनियां शामिल बताई जा रही हैं। मामला सामने आने के बाद हिन्दू संगठनों में रोष फैल गया और बुधवार को कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए।
आज़ाद हिन्दू सेना और राष्ट्रीय सेवा संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय प्रमुख अमित राठौर और सोनू ठाकुर के नेतृत्व में जिला अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। संगठनों का कहना है कि यह मामला केवल सोशल मीडिया ट्रोलिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संगठित साजिश की ओर इशारा करता है, जिसे नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम ला सकता है।
पदाधिकारियों के अनुसार, 29 नवंबर को सोशल मीडिया पर मौलाना मदनी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कथित तौर पर वंदे मातरम्, जिहाद और उच्चतम न्यायालय के निर्णय से जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। इसी वीडियो का विरोध ऋषभ ठाकुर द्वारा किए जाने के बाद से ही उन्हें धमकियां मिलनी शुरू हो गईं।
आरोप है कि धमकी देने वाले असामाजिक तत्व ‘आला हजरत’ जैसे नामों का दुरुपयोग करते हुए फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से संदेश भेज रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ संदिग्ध लोगों द्वारा ऋषभ ठाकुर के आवास के आसपास रेकी किए जाने की भी आशंका जताई गई है। इससे परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
परिजनों का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार मानसिक दबाव में है और किसी बड़ी आपराधिक घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ज्ञापन में संगठनों ने मांग की है कि धमकी देने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, बिना ठोस जांच किसी भी प्रकार का फर्जी मुकदमा न लिखा जाए और ऋषभ ठाकुर व उनके परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
ज्ञापन देने वालों में मिथुन चौधरी, राहुल राणा, बाबा लहरी, राहुल कश्यप, अनमोल सिंह, शिवांश, योगेश चौधरी, सोनू यादव, रवि सक्सेना, शिवम श्रीवास्तव, विहान शर्मा, ललित कश्यप, विजय बाल्मीकि और तेजपाल गंगवार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।