महिला थाना बरेली की एंटी रोमियो/मिशन शक्ति टीम ने मानवीय संवेदनशीलता, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम की तत्परता से दो वर्षीय खोई बच्ची को सकुशल उसकी मां से मिलवा दिया गया, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली।
घटना 17 दिसंबर की है, जब महिला थाना बरेली की एंटी रोमियो/मिशन शक्ति टीम क्षेत्र में नियमित भ्रमण पर थी। इसी दौरान टीम की नजर एक महिला पर पड़ी, जो रोती-बिलखती हुई आने-जाने वाले लोगों से अपनी बच्ची के बारे में पूछताछ कर रही थी। महिला की स्थिति देखकर टीम ने तुरंत उससे संपर्क किया और उसकी परेशानी के बारे में जानकारी ली।
महिला ने बताया कि उसकी दो वर्षीय बेटी वृंदा एक दिन पहले बस यात्रा के दौरान उससे बिछड़ गई थी। वह लगातार अपनी बच्ची की तलाश कर रही थी, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। बच्ची के अचानक खो जाने से महिला बेहद घबराई हुई थी और मानसिक रूप से टूट चुकी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मिशन शक्ति टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। टीम ने महिला से बच्ची का फोटो प्राप्त किया और संबंधित थानों से संपर्क साधा। जांच के दौरान जानकारी मिली कि 16 दिसंबर को एक दो वर्षीय बच्ची को सुरक्षा की दृष्टि से चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया था। यह सूचना मिलते ही टीम ने राहत की सांस ली और आगे की औपचारिकताओं को तेज कर दिया।
इसके बाद मिशन शक्ति टीम महिला को साथ लेकर बाल कल्याण समिति न्यायालय पहुंची। वहां समिति के अधिकारियों से संपर्क कर पूरी जानकारी साझा की गई। आवश्यक जांच और पहचान की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्ची को बुलवाया गया। जैसे ही बच्ची को सामने लाया गया, वह दूर से ही अपनी मां को पहचान गई। मां को देखते ही बच्ची दौड़ती हुई उसके पास पहुंची और गले लग गई। यह दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर गया। मां-बेटी के मिलन का यह पल बेहद मार्मिक था और हर आंख नम हो गई।
बाल कल्याण समिति द्वारा सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद खोई हुई बच्ची को विधिवत उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। बच्ची को अपनी गोद में पाकर मां की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने मिशन शक्ति टीम की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय पर पुलिस की मदद न मिलती, तो उसकी बच्ची का पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता।
इस पूरी कार्रवाई में मिशन शक्ति टीम की भूमिका सराहनीय रही। टीम में प्रभारी निरीक्षक परमेश्वरी (महिला थाना बरेली), उपनिरीक्षक पुष्पांजली शिशौदिया, कांस्टेबल आरती विश्नोई और कांस्टेबल प्रीत सिवाल शामिल रहीं। स्थानीय लोगों ने भी टीम की प्रशंसा करते हुए इसे पुलिस की मानवीय और संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण बताया। यह घटना न केवल पुलिस की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से किसी भी बड़ी अनहोनी को टाला जा सकता है।