जिला ग्राम्य विकास संस्थान, भोजीपुरा में नव चयनित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बृहस्पतिवार को आरंभ हुआ, जिसका उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी देवयानी ने दीप प्रज्वलित कर एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी प्रतिभागी प्रशिक्षण पूरे मनोयोग और अनुशासन के साथ ग्रहण करें।
सीडीओ ने कहा कि जो कार्यकत्री अपने दायित्वों का ईमानदारी और निष्ठा से निर्वहन करेंगी, उन्हें कार्यालय बुलाकर सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद सीडीओ ने समूह की महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य, मातृ-शिशु देखभाल और सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारियां साझा कीं।
जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्मा ने सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को व्यवहारिक ज्ञान के साथ-साथ फील्ड से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने विभाग की प्रमुख योजनाओं के बारे में बताया, ताकि प्रशिक्षण के बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्री अपने कार्यक्षेत्र में योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। कार्यक्रम में प्रदर्शक संजीव कुमार, बाल विकास परियोजना अधिकारी भानु प्रताप सिंह तथा मास्टर ट्रेनर यशवंत सक्सेना आदि उपस्थित रहे।
इसके उपरांत संस्थान में एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के अंतर्गत गुरुवार से प्रारंभ हो रहे स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) बुक कीपर प्रशिक्षण सत्र का भी उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान सीडीओ ने समूह की महिलाओं से लेखा-जोखा, पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की।