जागरण टुडे, कासगंज।
जनपद के ढोलना थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव नारायनी में काली नदी पर बन रहे नए बांध का निर्माण अब गंभीर विवाद का कारण बन गया है। बांध निर्माण की आड़ में कार्यदाई संस्था पर सैकड़ों वर्ष पुराने श्याम देवता मंदिर के आसपास अवैध और अनियंत्रित कटान करने के आरोप लगे हैं। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया है और श्रद्धालुओं की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है।
ग्रामीणों का कहना है कि बांध निर्माण के दौरान भारी मशीनों के प्रयोग से मंदिर के आसपास की मिट्टी बड़े पैमाने पर हटा दी गई है। इससे श्याम देवता मंदिर की नींव कमजोर हो गई है। मंदिर परिसर में मौजूद प्राचीन पीपल और बरगद के वृक्षों की जड़ें भी बाहर निकल आई हैं, जिससे इनके गिरने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो मंदिर के साथ-साथ ये ऐतिहासिक वृक्ष भी क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है। काली नदी के जलस्तर में वृद्धि होने पर कटान तेज हो सकता है, जिससे मंदिर का अस्तित्व ही संकट में पड़ सकता है। इसे लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी चिंता व्याप्त है।
मामले को लेकर भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला मंत्री डॉ. काव्येंद्र ने भी निर्माण कार्य पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बांध निर्माण में तय मानकों की अनदेखी की जा रही है और बिना सुरक्षा उपायों के कटान कराया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी कार्यदाई संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों ने निर्माण कार्य के तरीके को लेकर नाराजगी जताई और मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।