जनपद बरेली के मीरगंज नगर पंचायत के चेयरमैन योगेंद्र कुमार गुप्ता उर्फ मुन्ना बाबू ने उत्तर प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री को पत्र भेजकर नगर पंचायत क्षेत्र में थाना रोड से स्टेशन अंडरपास तक की जा रही सीमांकन एवं कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
चेयरमैन योगेंद्र कुमार गुप्ता ने पत्र में अवगत कराया कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा थाना रोड से स्टेशन अंडरपास तक स्थित आवादी क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण की शिकायत की गई है। इसी शिकायत के आधार पर लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों द्वारा सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि थाना रोड से स्टेशन अंडरपास तक दोनों ओर सड़क के मध्य से लगभग 32 फीट की दूरी पर करीब 15 वर्ष पूर्व नगर पंचायत मीरगंज द्वारा नाला निर्माण कराया गया था। वर्तमान में उक्त मार्ग पर लगभग 7 मीटर चौड़ी सड़क मौजूद है, जिस पर वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से हो रहा है और किसी प्रकार की यातायात समस्या नहीं है। साथ ही नगर पंचायत मीरगंज से होकर दिल्ली-बरेली फोरलेन भी गुजरती है, जिससे आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध है।
चेयरमैन ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि संबंधित क्षेत्र में वर्षों से नागरिक निवासरत हैं और वहां पूर्ण रूप से विकसित आवासीय आबादी मौजूद है। यदि बिना समुचित जांच-पड़ताल के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है तो नगर पंचायत मीरगंज के लगभग 300 परिवार बेघर हो सकते हैं, वहीं अनेक लोगों के प्रतिष्ठान भी उजड़ जाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण को लेकर की जा रही शिकायतें दुर्भावनापूर्ण हैं, जिनका उद्देश्य नगर पंचायत क्षेत्र के निर्दोष, गरीब और व्यवसायी नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान करना है। ऐसे में उन्होंने सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए निष्पक्ष जांच कराने और निर्दोष नागरिकों को बेघर होने से बचाने की विनम्र अपील की है।