जनपद बदायूँ के थाना मूसाझाग क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करौलिया की निवासी सुलोचना पत्नी शिशंकर ने दहेज उत्पीड़न और मारपीट के गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में प्रार्थना पत्र दिया है। पीड़िता के अनुसार उसकी शादी लगभग 13 वर्ष पूर्व ग्राम करौलिया निवासी शिवशंकर पुत्र भगवान दास के साथ हुई थी। दांपत्य जीवन से उसके दो बच्चे हैं, लेकिन विवाह के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष का व्यवहार प्रताड़नापूर्ण हो गया।
सुलोचना का आरोप है कि उसका पति शिवशंकर, देवर विपिन व रवि, सास कुसमा, ससुर भगवान दास, चचिया ससुर नन्हे, चिम्मन , तेजपाल पुत्र चिम्मन लगातार गाली-गलौज करते हुए मारपीट करते रहे। पीड़िता के अनुसार ससुराल पक्ष दहेज में एक लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था। मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
पीड़िता ने बताया कि दिनांक 10-11-2025 को उसे उसके बच्चों सहित पहने हुए कपड़ों में ही घर से निकाल दिया गया। इसके बाद वह अपने मायके चली गई, जहां वह अब तक रह रही है। सुलोचना का कहना है कि ससुराल पक्ष की ओर से उसे वापस ले जाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। पीड़िता के परिजनों ने गांव में पंचायत भी कराई, लेकिन ससुराल पक्ष ने पंचायत की बात मानने से इनकार कर दिया।
थक-हारकर पीड़िता ने थाना मूसाझाग पहुंचकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि प्रार्थना पत्र प्राप्त हो गया है, मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।