देश की अग्रणी टेस्ट प्रिपरेटरी संस्था आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने भारतीय सेना के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य देश की रक्षा में समर्पित जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शिक्षा के क्षेत्र में विशेष सहयोग और कल्याणकारी लाभ प्रदान करना है।
इस एमओयू के दायरे में वर्तमान में सेवा दे रहे सैनिक, सेवानिवृत्त जवान, वीरता पुरस्कार विजेता, दिव्यांग सैनिक तथा ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के परिजन शामिल हैं। समझौते के तहत एईएसएल देशभर में स्थित अपने सभी केंद्रों पर भारतीय सेना से जुड़े विद्यार्थियों को आकर्षक छात्रवृत्तियाँ, शुल्क में छूट और शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा।
एमओयू पर भारतीय सेना की ओर से कर्नल, सेरेमोनियल एंड वेलफेयर 3 एवं 4 तथा एईएसएल की ओर से डॉ. यश पाल, चीफ अकैडमिक एंड बिज़नेस हेड (दिल्ली-एनसीआर) ने हस्ताक्षर किए। इसके तहत शहीद जवानों के बच्चों को केवल रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा, जबकि शेष सभी शुल्क पूरी तरह माफ किए जाएंगे। 20 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले सैनिकों और वीरता पुरस्कार विजेताओं के बच्चों को 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट मिलेगी। वहीं, सेवारत और रिटायर्ड जवानों के बच्चों को अन्य स्कॉलरशिप घटाने के बाद ट्यूशन फीस में 20 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी।
इन विशेष छात्रवृत्तियों के साथ-साथ एईएसएल की पहले से संचालित स्कॉलरशिप योजनाएँ भी जारी रहेंगी, जिससे विद्यार्थियों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। एईएसएल के एमडी एवं सीईओ श्री चंद्र शेखर गरिसा रेड्डी ने कहा कि शिक्षा उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और यह साझेदारी हमारे बहादुर सैनिकों के त्याग को सम्मान देने का एक प्रयास है।
एमओयू की अवधि के दौरान एईएसएल सेना के बच्चों को वर्चुअल और फिजिकल दोनों माध्यमों से मेंटरिंग और काउंसलिंग सहायता भी प्रदान करेगा, जिससे वे अपने शैक्षणिक और करियर लक्ष्यों को साकार कर सकें।