मथुरा रिफाइनरी में प्रशिक्षु तकनीकी के रूप में कार्यरत कृष्णकांत ठाकुर की सड़क दुर्घटना में हो गई थी। इस मामले में श्रम विभाग की त्वरित कार्रवाई से मृतक के माता-पिता को बड़ी राहत मिली है। सहायक श्रमायुक्त एमएल पाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिलाकर प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण पेश किया।
उन्होंने बताया गया कि कृष्णकांत ठाकुर 28 अगस्त 2025 की शाम ड्यूटी समाप्त करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में सड़क दुर्घटना का शिकार होने पर उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। इस घटना की जानकारी मिलते ही सहायक श्रमायुक्त एमएल पाल ने तत्काल संज्ञान लिया और मथुरा रिफाइनरी प्रबंधन को नोटिस जारी कर निर्देश दिए कि कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत देय धनराशि बिना देरी कर्मचारी क्षतिपूर्ति आयुक्त के पास जमा कराई जाए।
श्रम विभाग के सख्त रुख के बाद रिफाइनरी प्रबंधन ने कर्मचारी क्षतिपूर्ति आयुक्त एवं सहायक श्रमायुक्त के सेंट्रल बैंक खाते में कुल 11 लाख 69 हजार 228 रुपये की धनराशि जमा कराई। इसके पश्चात सहायक श्रमायुक्त ने मृतक कर्मचारी के माता रजनी देवी और पिता ज्ञानेंद्र सिंह को अपने कार्यालय बुलाकर उन्हें पूरी क्षतिपूर्ति राशि का चेक सौंपा।
चेक प्राप्त करते समय परिजनों की आंखें नम थीं, लेकिन समय पर मिली सहायता ने उनके दर्द को कुछ हद तक कम किया। सहायक श्रमायुक्त ने कहा कि श्रमिकों और कर्मचारियों के हितों की रक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस पूरे प्रकरण में श्रम विभाग की त्वरित कार्रवाई न केवल पीड़ित परिवार के लिए सहारा बनी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि दुर्घटना में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।