जनपद बरेली के मीरगंज उपजिलाधिकारी आलोक कुमार ने ग्राम तिलमास में संचालित नंदी शाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नंदी शाला में रह रहे गोवंशों की स्थिति, चारा-पानी, स्वास्थ्य व्यवस्था और साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लिया।
एसडीएम ने बताया कि नंदी शाला में वर्तमान में कुल 37 नंदी पंजीकृत हैं। निरीक्षण के दिन एक नंदी की मृत्यु हो गई थी, जिसका नियमानुसार पशु चिकित्सक द्वारा मौके पर पहुंचकर पोस्टमार्टम कराया गया। इसके अलावा एक नंदी घायल अवस्था में पाया गया, जिसका उपचार पशु चिकित्सक की देखरेख में लगातार जारी है।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि नंदी शाला में हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था है। साथ ही चोकर एवं अन्य आवश्यक आहार सामग्री भी उपलब्ध है, जिससे नंदियों के पोषण में कोई कमी नहीं है। एसडीएम आलोक कुमार ने चारा प्रबंधन और दैनिक देखरेख को संतोषजनक बताया।
हालांकि निरीक्षण में यह तथ्य भी सामने आया कि नंदी शाला में कुछ नंदी अत्यधिक बड़े और आक्रामक प्रवृत्ति के हैं, जो छोटे नंदियों पर हमला कर देते हैं। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने निर्देश दिए कि छोटे नंदियों की सुरक्षा के लिए उनके लिए अलग से बड़ा (शेड) बनाए जाने की आवश्यकता है। इस संबंध में विकासखंड अधिकारी से पत्राचार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि शीघ्र आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
निरीक्षण के दौरान मौके पर उपस्थित ग्राम प्रधान छोटेलाल को निर्देशित किया गया कि मृत नंदी का तत्काल शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार निस्तारण (डिस्पोजल) कराया जाए। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि गोवंश संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यवस्थाओं में सुधार हेतु लगातार निगरानी की जाएगी।