जागरण टुडे, कासगंज।
शहर के आवास विकास कॉलोनी स्थित पुराने फाटक के पास मकान खाली कराने को लेकर शनिवार को उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा हो गया, जब एक महिला ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। महिला के इस कदम से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कब्जा दिलाने पहुंचा तहसील प्रशासन व पुलिस उलटे पांव लौटने को मजबूर हो गया। महिला ने आरोप लगाया कि पूरा पैसा वापस हो जाने के बावजूद प्रशासन की आड़ लेकर दबंग जबरन मकान पर कब्जा करना चाहते हैं।
जानकारी के अनुसार खैरपुर थाना सोरों निवासी कलावती ने मार्च 2025 में अपना मकान मामों निवासी सुरेंद्र ठाकुर को करीब 50–55 लाख रुपये में बेचने का सौदा किया था। इस सौदे का कलावती की दो पुत्रवधुओं ने विरोध किया और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। कलावती की बहू नीतू का आरोप है कि सुरेंद्र ठाकुर द्वारा कलावती के खाते में गलत तरीके से पैसा भेजा गया था, जिसकी शिकायत साइबर थाने में की गई थी। बाद में वह रकम पुलिस द्वारा खाते से वापस कराई गई और इस संबंध में पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी।
नीतू का कहना है कि इसके बावजूद सुरेंद्र ठाकुर कुछ दबंगों के साथ मिलकर जबरन मकान पर कब्जा करना चाहता है। शनिवार को सुरेंद्र ठाकुर तहसील प्रशासन और पुलिस को साथ लेकर मकान पर पहुंचे और ताला तोड़कर सामान बाहर निकालने लगे। इसी दौरान नीतू अपने जेठ बंटी की मृत्यु के चलते गांव गई हुई थी। जब उसे मकान का ताला तोड़े जाने और खाली कराए जाने की सूचना मिली तो वह तुरंत मौके पर पहुंची।
महिला का आरोप है कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसके बावजूद प्रशासन मकान खाली कराने पहुंच गया। प्रशासन को देखते ही वह पेट्रोल की कटिया लेकर छत पर चढ़ गई और आत्मदाह की धमकी देते हुए अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए और वे बिना कार्रवाई किए लौट गए।
वहीं तहसील प्रशासन का कहना है कि वे कस्बा न्यायालय (कासगंज कोर्ट) के आदेश पर कब्जा दिलाने पहुंचे थे, लेकिन महिला द्वारा आत्मदाह का प्रयास किए जाने के कारण कार्रवाई रोकनी पड़ी। प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण से संबंधित रिपोर्ट कोर्ट को भेजकर आगे की कार्रवाई के निर्देश लिए जाएंगे।
दूसरी ओर मकान खरीददार सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि कलावती से 55 लाख रुपये में मकान का सौदा हुआ था। इसमें 10 लाख रुपये नकद और 40 लाख रुपये खाते में दिए गए थे। बैनामा पूरा न होने पर खाता बंद कराया गया था, बाद में बैनामा हो गया और तहरीर वापस ले ली गई। नीतू द्वारा बैनामा निरस्त कराने के लिए दायर मुकदमा कोर्ट ने खारिज कर दिया था और कब्जा दिलाने के आदेश दिए गए थे। उन्हीं आदेशों के अनुपालन में प्रशासन कार्रवाई कर रहा था, लेकिन महिला ने ड्रामा कर दिया।
फिलहाल मामला फिर से विवादों में घिर गया है और प्रशासन अब कोर्ट के अगले निर्देशों का इंतजार कर रहा है।