जागरण टुडे, कासगंज।
जनपद की सहावर तहसील क्षेत्र के बधारी कला गांव में आयोजित 10 दिवसीय बौद्ध कथा का भावुक माहौल में समापन हो गया। कथा के समापन अवसर पर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने कथा वाचक को नम आंखों से विदाई दी। पूरा गांव भावनाओं से सराबोर नजर आया और ग्रामीणों की आंखों में आंसू साफ झलकते दिखे।
बधारी कला गांव में बौद्ध कथा का आयोजन बीते 11 तारीख से लगातार चल रहा था। इस आयोजन में जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कथा के दौरान जनपद के कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में पूर्व सांसद मुशीर अहमद खान की पुत्री जाहिदा सुल्तान, भाजपा विधायक हरिओम वर्मा, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष केपी सिंह सोलंकी, सहावर ब्लॉक प्रमुख कृष्णा राजपूत, अमापुर चेयरमैन कमांडो चाँद अली खान, जिला पंचायत सदस्य सोनू वाला सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फिरोजाबाद से आईं बौद्ध कथा वाचक पूजा गौतम को सुनने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से ग्रामीण प्रतिदिन कथा स्थल पर पहुंचते थे। लगभग दस दिनों तक चली इस बौद्ध कथा को हजारों बौद्ध प्रेमियों और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के अनुयायियों ने श्रद्धा और एकाग्रता के साथ सुना। कथा के दौरान भगवान गौतम बुद्ध और डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष, त्याग और समाज सुधार के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कथा वाचक के ओजस्वी और भावपूर्ण वचनों ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया।
बीती रात कथा के समापन के समय माहौल भावुक हो गया। जैसे ही कथा समाप्त हुई, ग्रामीणों की आंखों से आंसू छलक पड़े। सभी ने कथा वाचक पूजा गौतम को नम आंखों से विदाई दी। इस अवसर पर पूजा गौतम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह बहुजन समाज को जागरूक करने का कार्य निरंतर करती रहेंगी। उन्होंने ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बधारी कला गांव के लोगों ने उन्हें जो सम्मान और स्नेह दिया है, उसे वह जीवन भर नहीं भूल पाएंगी। साथ ही उन्होंने इस नेक आयोजन के लिए ग्रामीणों की खुले दिल से सराहना की।
कथा के समापन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें करीब चार दर्जन गांवों से आए हजारों ग्रामीणों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन ने सामाजिक एकता और भाईचारे का मजबूत संदेश दिया।