स्मार्ट सिटी बरेली में मेट्रो चलाने की तैयारी है। बीडीए की ओर से वायु सेना से अनापत्ति के लिए भेजा गया पत्र अभी लंबित है। इसके लिए बरेली विकास प्राधिकरण की ओर से रिमांडर भेजने पर विचार किया जा रहा है।
बरेली विकास प्राधिकरण में मुख्य अभियंता पीपी एन सिंह ने फोन पर बातचीत के दौरान बताया कि त्रिशूल हवाई अड्डा क्षेत्र में मेट्रो के रेल पथ पिलर की ऊंचाई आठ मीटर से ज्यादा होने पर वायुसेना के त्रिशूल एयरपोर्ट के अधिकारियों से अनापत्ति के लिए पत्र भेजा गया था। अभी तक उस अनापत्ति पत्र पर वायुसेना की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। जल्द ही इसका स्मरण पत्र त्रिशूल एयरपोर्ट को भेज जाएगा।
बरेली में मेट्रो रेल को लेकर मास्टर प्लान बन चुका है। 50 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर का ब्लूप्रिंट भी तैयार होने के साथ शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। मेट्रो रूट का टेक्निकल सर्वे पूरा हो गया है। वायुसेना की अनापत्ति आने के बाद ही डीपीआर बनाने का काम पूरा होगा। बरेली विकास प्राधिकरण और मेट्रो के लिया नामित एजेंसी राइट्स परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट फिलहाल तैयार करेगी।
बरेली शहर में 2047 मास्टर प्लान में मेट्रो कॉरिडोर को शामिल किया गया है। मेट्रो रेल प्रोजेक्ट से जुड़ी शुरुआती तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। टेक्निकल टीम ने बड़ा बाईपास के निकट 20 हेक्टेयर जमीन का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंप दी है। इसी स्थान पर मेट्रो रेल डिपो और मुख्य संचालन केंद्र स्थापित होंगे। 50 किलोमीटर लंबे मेट्रो रेल रूट में शहर के प्रमुख कॉरिडोर, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और मुख्य जंक्शनों को जोड़ने की भी योजना है। अनापत्ति आने के बाद ही बरेली विकास प्राधिकरण और राइट्स इसकी डीपीआर को अंतिम रूप से जारी करेंगे।
मेट्रो पर होने वाले निवेश मॉडल पर बीडीए और प्रोजेक्ट एजेंसी मंथन करेगी। राइट्स मेट्रो रूट, लागत, निर्माण चरण, स्टेशन संख्या, भूमि अधिग्रहण तथा निवेश मॉडल से जुड़ी पूरी रिपोर्ट बनाएगी। इसका प्रेजेंटेशन जल्द ही पूरा कर शासन को भेजा जाना है। बीडीए अधिकारियों का कहना है अनापत्ति के बाद जैसे ही डीपीआर को मंजूरी मिलेगी, प्रोजेक्ट के शुरुआती निर्माण कार्य, भूमि क्रय और सर्वे कार्य तेज़ी से शुरू कर दिए जाएंगे।
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. ए मनिकंडन ने बताया जल्दी ही मेट्रो को लेकर कार्यदायी एजेंसी और बीडीए के बीच बैठक होगी। प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन एक बार फिर से होगा और उसके बाद उत्तर प्रदेश शासन को राइट्स की तैयार रिपोर्ट भेजी जाएगी।