जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में बुधवार को भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की 164वीं जयंती, स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी की पुण्यतिथि और महान समाज सुधारक महाराज बिजली पासी की जयंती श्रद्धा व सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इन महान विभूतियों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय भारत के ऐसे विरले व्यक्तित्व थे, जिन्होंने शिक्षा, पत्रकारिता, वकालत और समाज सुधार के माध्यम से राष्ट्रसेवा की। वे काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रणेता थे और अखिल भारतीय कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। मालवीय जी भारत के पहले और अंतिम व्यक्ति थे जिन्हें ‘महामना’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। उनका जीवन देशवासियों के लिए आज भी प्रेरणास्रोत है।
जिला अध्यक्ष ने स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी को याद करते हुए कहा कि वे महान दार्शनिक, लेखक, वकील और पत्रकार थे। वे मद्रास प्रांत के मुख्यमंत्री रहे और दक्षिण भारत में कांग्रेस के प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरे। स्वतंत्र पार्टी की स्थापना कर उन्होंने भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। उनका चिंतन और विचारधारा आज भी प्रासंगिक है।
कार्यक्रम में महाराज बिजली पासी के योगदान पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि बिजली पासी 12वीं शताब्दी के शक्तिशाली शासक और समाज सुधारक थे। बिजनौर जिले की स्थापना से जुड़ा उनका इतिहास आज भी सामाजिक चेतना को मजबूत करता है। उनके संघर्ष और विचार दलित वंचित समाज के लिए प्रेरणा हैं।
कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव वैद्य मनोज गौड़ ने किया। इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद, रूपा लवानिया, दीपक दीक्षित, जिलानी कादरी, पुनीत बघेल, पूरन सिंह, रवि खरे, मोहित शर्मा, हाशिम, हुमेर राशिद कुरैशी, बीके सैनी, नेहा फौजदार, ललित फौजदार, सपना, मंजू देवी, करण निषाद, मोनू निषाद, अभय प्रताप सिंह, सुरेश शर्मा, खुदा बख्श सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे। अंत में सभी ने इन महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।