शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कों पर छाया घना कोहरा और हड्डियां जमा देने वाली ठंड बच्चों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त फैसला लेते हुए कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों में 31 दिसंबर तक अवकाश घोषित कर दिया है। यह आदेश जनपद के सरकारी, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और निजी सभी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।
यह भी पढ़ें: नर्सिंग कॉलेज की छात्रा की बर्थडे पार्टी में हंगामा
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा है कि लगातार गिरता तापमान, शीतलहर और सुबह के समय बेहद कम दृश्यता बच्चों के लिए जोखिम भरी है। खासकर प्राथमिक और जूनियर स्तर के बच्चों को ठंड और कोहरे में स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। इसी को ध्यान में रखते हुए 29, 30 और 31 दिसंबर को विद्यालयों में कक्षाएं स्थगित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को चेतावनी दी है कि आदेश की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई विद्यालय आदेश के बावजूद बच्चों को बुलाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए है। कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल पूर्व निर्धारित समय सारिणी के अनुसार संचालित होंगे।
डीएम के इस से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। ठंड और कोहरे के बीच रोजाना बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर माता-पिता चिंतित थे।अभिभावकों का कहना है कि सुबह के समय सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रहती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं छोटे बच्चों को ठिठुरन और सर्द हवा से बचाना मुश्किल हो जाता है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड से फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं। ऐसे में प्रशासन का यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिहाज से जरूरी माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए सावधानी बरतें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने दें।