प्रेमनगर थाना क्षेत्र के एक कैफे में आयोजित जन्मदिन पार्टी के दौरान हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने, भीड़ जुटाकर माहौल खराब करने और बिना तथ्यों के गंभीर आरोप लगाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
घटना प्रेमनगर स्थित दि डेन कैफे एंड रेस्टो की है, जहां एक निजी कॉलेज की बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा ने शनिवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर दोस्तों के साथ पार्टी रखी थी। पार्टी में कुल दस लोग शामिल थे, जिनमें छह युवतियां और चार युवक थे। बताया गया कि सभी आमंत्रित लोग छात्रा के परिचित और सहपाठी थे।
पुलिस के अनुसार, पार्टी में कुछ मुस्लिम युवकों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के कैफे के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने ‘लव जिहाद’ जैसे नारे लगाते हुए न केवल बाहर शोर-शराबा किया बल्कि कैफे के अंदर घुसकर भी अफरा-तफरी मचा दी, जिससे वहां मौजूद लोग भयभीत हो गए।
सूचना मिलने पर प्रेमनगर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने पार्टी में शामिल युवती और अन्य लोगों को थाने ले जाकर पूछताछ की। इस दौरान एक युवक मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे युवक को हिरासत में लेकर प्रारंभिक जांच की गई। शुरुआत में पुलिस ने शांति भंग की धाराओं में चालान की कार्रवाई की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की और फरार युवक की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई। इसके बाद पुलिस ने दबिश बढ़ाई और फरार युवक की तलाश तेज कर दी। पुलिस ने दोनों युवकों और कैफे के एक कर्मचारी के खिलाफ भी शांति भंग में चालान किया।
जांच के दौरान पुलिस ने स्पष्ट किया कि युवती बालिग है और उसने अपनी इच्छा से दोस्तों के साथ पार्टी आयोजित की थी। युवती के परिजनों के बयान भी दर्ज किए गए हैं, जिसमें किसी प्रकार के दबाव या आपत्ति की पुष्टि नहीं हुई।
घटना से जुड़े तथ्यों, वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बजरंग दल के दीपक पाठक, ऋषभ ठाकुर सहित 15–20 नामजद और अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सीओ प्रथम ने साफ कहा कि कानून अपने हाथ में लेने और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी संगठन से जुड़े हों। पुलिस आगे की जांच में जुटी है।