प्रदेश में घने कोहरे और धुंध के कारण दृश्यता बेहद कम होने से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल और प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत सोमवार को संभागीय परिवहन प्राधिकरण कार्यालय बरेली में बैठक की गई। इसमें कोहरे के दौरान सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में यह तय किया गया कि कोहरे की स्थिति में सभी श्रेणी के सार्वजनिक परिवहन वाहनों के परमिट धारकों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराना अनिवार्य होगा। कम दृश्यता होने पर वाहनों की गति नियंत्रित रखी जाएगी और दृश्यता शून्य होने की स्थिति में वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोकना होगा। कोहरे के दौरान लेन बदलने पर रोक लगाई गई है, और आगे चल रहे वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बस अड्डों और सार्वजनिक परिवहन स्थलों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से यात्रियों और चालकों को सुरक्षा संबंधी घोषणाएं नियमित रूप से कराई जाएंगी। वाहनों में हेडलाइट, टेललाइट, फॉग लाइट, इंडिकेटर, ब्रेक, टायर, विंडस्क्रीन वाइपर, बैटरी और हीटिंग सिस्टम की सही कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कोहरे में वाहनों की लाइट लो-बीम पर रखने और सभी वाहनों पर मानक के अनुरूप रिफ्लेक्टिव टेप लगाने को अनिवार्य किया गया है।
प्राधिकरण ने मानक के विपरीत तेज या अतिरिक्त लाइट के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया है। इसके अलावा ओवरलोडिंग और ओवरहैंगिंग पर पूरी तरह रोक रहेगी। सार्वजनिक परिवहन वाहनों के चालकों की नियमित काउंसलिंग करने और पहले से जारी 18 दिसंबर 2025 के निर्देशों का पालन बस, ट्रक और ढाबा मालिकों से सुनिश्चित कराने के आदेश दिए गए हैं।
आरटीओ पंकज सिंह के अनुसार इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले वाहन या परमिट धारकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रवर्तन एवं प्रशासनिक अधिकारियों को नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।