जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को आईजीआरएस संदर्भों, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (राजस्व से संबंधित) तथा कर एवं करेत्तर वसूली की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस पर दर्ज शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी स्वयं शिकायतकर्ताओं से फोन के माध्यम से संपर्क करें और समस्या का पूर्ण समाधान कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बार-बार एक ही शिकायत दर्ज होना प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाता है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि धारा 80, 24, 116, 34 सहित अन्य लंबित वादों का समय से निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समाप्त किया जाए तथा सभी अधिकारी अपने-अपने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने स्टांप, विद्युत, राज्य कर, परिवहन, रोडवेज, आबकारी, मंडी समिति, बांट-माप, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा खनन विभाग सहित सभी राजस्व विभागों को कर एवं करेत्तर वसूली के निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह में किसी भी प्रकार की ढिलाई सीधे जिम्मेदारी तय करेगी।
नगर निकाय एवं ग्रामीण स्वच्छता की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अपर नगर आयुक्त, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा सभी अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने रैन बसेरों का नियमित निरीक्षण कर वहां सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, ठंड को देखते हुए अलाव की व्यवस्था करने तथा रैन बसेरों में हीटर लगाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा, उप जिलाधिकारी सदर एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिनव जे. जैन, अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह, उप जिलाधिकारी छाता वैभव गुप्ता, उप जिलाधिकारी महावन कंचन सहित आबकारी, पंचायत राज, पशुपालन एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।