भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर अर्बन हाट सभागार में अटल स्मृति कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य ने अटल बिहारी वाजपेई के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्य अतिथि स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म शताब्दी महोत्सव का आयोजन पूरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। अटल जी की कविताओं के काव्य पाठ, उनके लेखन पर वाद- विवाद, पत्रकारिता, संसद और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर महत्वपूर्ण भाषण आदि को लेकर पूरे देश में शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं में अनेक कार्यक्रम हुए। उनकी नीति में दूरदृष्टि, नेतृत्व में सेवा भाव और निर्णयों में राजनीतिक कुशलता थी।
उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की राजधानी का सौभाग्य है कि उन्होंने लखनऊ का प्रतिनिधित्व करते प्रधानमंत्री के रूप में देश को विकास के नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने का काम किया। अटल जी की पैतृक भूमि उत्तर प्रदेश में ही आगरा के बटेश्वर में है। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा कानपुर में अर्जित की। बलरामपुर से देश की संसद में पहली बार चुने गए और संसद में सर्वाधिक बार उत्तर प्रदेश का ही प्रतिनिधित्व किया। उनका विराट व्यक्तित्व पूरे देशवासियों को नई प्रेरणा प्रदान करता है। राजनेता से राष्ट्रनेता तक उनकी यशस्वी यात्रा अभिनंदनीय है। उनकी नीति में दूरदृष्टि थी, नेतृत्व में सेवाभाव था, निर्णयों में राजनीतिक कुशलता थी।
क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य ने कहा कि तीन बार प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। अटल बिहारी वाजपेयी एक ऐसे दूरदर्शी व्यक्तित्व थे, जिनकी राजनीति में गरिमा थी, शब्दों में संयम और निर्णयों में राष्ट्र के प्रति गहरी प्रतिबद्धता थी। उन्होंने सत्ता को सदैव जनसेवा का माध्यम माना। पोखरण के साहसिक निर्णय ने भारत को आत्मविश्वास और सामर्थ्य का नया बोध कराया। अटल जी ने यह स्पष्ट कर दिया कि मजबूत राष्ट्र ही मानवीय मूल्यों की सच्ची रक्षा कर सकता है।
महापौर डॉ उमेश गौतम ने कहा कि अटल बिहारी बाजपेई के जन्मदिवस को सुशासन दिवस के रूप में भी जाना जाता है। अपनी भाषण कला और राष्ट्रीय विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे, जिसके लिए उन्हें 2015 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।अटल बिहारी वाजपेयी का राजनीतिक जीवन बहुत लंबा और प्रेरणादायक रहा। वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से थे और बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनीतिज्ञ ही नहीं, बल्कि एक श्रेष्ठ साहित्यकार भी थे। उनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम, मानवता, पीड़ा और आशा की गहरी झलक मिलती है।
कार्यक्रम अध्यक्ष अधीर सक्सेना ने कहा कि अटल जी ने पड़ोसी देशों के साथ शांति की पहल भी की। पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिए उनकी लाहौर बस यात्रा ऐतिहासिक मानी जाती है। उनका मानना था कि युद्ध नहीं, बल्कि संवाद से समस्याओं का समाधान होना चाहिए। वे संसद में अपने भाषणों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध थे। विरोधी दल के नेता भी उनकी वाणी, तर्क और शालीनता का सम्मान करते थे। संचालन महानगर उपाध्यक्ष विष्णु शर्मा ने किया।
सम्मेलन में वरिष्ठ भाजपा नेता गुलशन आनंद, श्रुति गंगवार, महानगर उपाध्यक्ष देवेंद्र जोशी, प्रभु दयाल लोधी, उमेश कठेरिया, मीडिया प्रभारी बंटी ठाकुर, तृप्ति गुप्ता, प्रतेश पांडेय, अनुपम कपूर, रेखा श्रीवास्तव, विशाल मल्होत्रा, पार्षद सर्वेश रस्तोगी, अजय चौहान, शालिनी जौहरी, चित्रा मिश्रा, मोहित तिवारी, नरेन्द्र मौर्या, कन्हैया राजपूत, जयदीप चौधरी, अजय मौर्या, राजीव कश्यप, बृजेश सिंह, शिखा मल्होत्रा, सहित बड़ी संख्या पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।