जागरण टुडे,कासगंज |
मथुरा–बरेली हाईवे 530 बी के निर्माण कार्य के चलते कासगंज–सिकंदराऊं मार्ग पर स्थित अथैया चौराहे को पूरी तरह बंद किए जाने के विरोध में ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। ग्रामीण अथैया चौराहे पर अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर सड़क पर बैठकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि अंडरपास का निर्माण नहीं किया गया तो क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों के अनुसार, अथैया चौराहा आसपास के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है। इस रास्ते से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। इसके अलावा आसपास कई विद्यालय भी स्थित हैं, जहां दूर-दराज के गांवों से बच्चे पढ़ने आते हैं। चौराहा बंद होने की स्थिति में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर सफर करना पड़ेगा, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होगी।
मंगलवार को भी कड़ाके की ठंड के बीच ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। धरना स्थल पर पहुंचे भाजपा जिला मंत्री ओबीसी मोर्चा डॉ. काव्येंद्र सिंह ने ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कई दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठे हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस और संतोषजनक पहल नहीं की गई है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनहित से जुड़ी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
डॉ. काव्येंद्र सिंह ने बताया कि यदि अथैया चौराहे पर अंडरपास का निर्माण नहीं कराया गया तो आसपास के करीब 40 गांवों के लोग सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। किसानों, व्यापारियों, मरीजों और विद्यार्थियों को रोजमर्रा के कामों के लिए लंबा और जोखिम भरा रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जल्द से जल्द अंडरपास निर्माण का निर्णय लिया जाए।
वहीं धरना दे रहे ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास के विरोध में नहीं हैं, लेकिन बिना वैकल्पिक व्यवस्था के सड़क बंद करना उनके लिए स्वीकार्य नहीं है। अब सभी की निगाहें प्रशासन के फैसले पर टिकी हुई हैं।