भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) ने मंगलवार को घूसखोरी के खिलाफ एक और कामयाबी हासिल की। एंटी करप्शन बरेली की टीम ने बदायूं की सदर तहसील में तैनात राजस्व लेखपाल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मथुरा का रहने वाला है आरोपी लेखपाल महेंद्र
आरोपी लेखपाल महेन्द्र सिंह पुत्र स्वाल सिंह निवासी ग्राम मगोर्रा जनपद मथुरा का निवासी है। वह बदायूं की सदर तहसील में राजस्व लेखपाल के पद पर कार्यरत था। एंटी करप्शन टीम प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सान्याल ने बताया कि जनपद बदायूं के उझानी थाना क्षेत्र ग्राम गडोरा निवासी दुर्गेश कुमार पुत्र स्व. जयप्रकाश ने अपने पिता की पैतृक संपत्ति के दस्तावेजों में वारिसान दर्ज करने के बदले लेखपाल महेंद्र सिंह के 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। जांच कराने पर आरोप सही पाया गया।
बदायूं सदर तहसील परिसर का मामला
पहले से तय योजना की मुताबिक मंगलवार दोपहर करीब 12:50 बजे शिकायतकर्ता दुर्गेश बदायूं की सदर तहसील पहुंचा। एंटी करप्शन टीम के सदस्य इधर-उधर मुस्तैद हो गए। शिकायतकर्ता दुर्गेश कुमार ने सदर तहसील के ग्राउंड फ्लोर स्थित बरामदे में लेखपाल महेंद्र सिंह को घूस के 10 हजार रुपये दिए। तभी वहां मौजूद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी लेखपाल को रंगेहाथ दबोच लिया। उसके पास घूस के रुपये भी बरामद हुए।
आरोपी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज
लेखपाल के घूस लेते पकड़े जाने का पता लगने पर तहसील कर्मचारियों में खलबली मच गई। कुछ कर्मचारियों ने आरोपी को छुड़ाने की कोशिश की। एंटी करप्शन टीम आरोपी लेखपाल को अपने साथ सिविल लाइंस थाने ले गई। जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।