पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से जिले में संचालित डायरिया से डर नहीं कार्यक्रम की समीक्षा बैठक मंगलवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधा वल्लभ ने की।
बैठक में सीएमओ ने डायरिया रोकथाम के लिए किए जा रहे सभी कार्यों का ब्योरा समय से और सही तरीके से विभिन्न पोर्टलों पर दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आशा, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा समुदाय स्तर पर किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS), ई-कवच तथा अन्य संबंधित पोर्टलों पर अनिवार्य रूप से अपडेट की जानी चाहिए। इससे योजनाओं की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सकेगा।
बैठक के दौरान सीएमओ ने जिंक की खुराक, उसकी मात्रा और बच्चों को दिए जाने की सही विधि पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ओआरएस और जिंक के सही उपयोग से बच्चों को डायरिया से होने वाली गंभीर समस्याओं से बचाया जा सकता है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी आरसीएच डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि बच्चों को डायरिया से सुरक्षित रखने के लिए जन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने डायरिया से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और परिवारों को सही जानकारी देने पर जोर दिया।
पीएसआई इंडिया के प्रतिनिधि अजय कुमार ने विगत तीन माह की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य इकाइयों पर आशा एवं एएनएम की बैठकों में डायरिया पर विशेष चर्चा की गई है। इसके अलावा अतिरिक्त छाया ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस सत्रों का सहयोगात्मक निरीक्षण भी किया जा रहा है।
नोडल एनयूएचएम डॉ. एसपी राठौर ने ओआरएस और जिंक के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य इकाइयों पर ओआरएस व जिंक कॉर्नर बनाए जा रहे हैं। इस तिमाही में अक्टूबर से अब तक करीब 335 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का डायरिया विषय पर अभिमुखीकरण किया गया है तथा पंपलेट सहित आईईसी सामग्री का वितरण किया गया है।
बैठक में डॉ. रोहताश तेवतिया, डीसीपीएम डॉ. पारुल शर्मा, जिला शहरी स्वास्थ्य समन्वयक फौजिया खानम, जिला मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सलाहकार मुकेश गौतम, पीएसआई इंडिया के चोब सिंह बघेल सहित ब्लॉक एवं नगर स्तरीय चिकित्सा अधीक्षक, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक और अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।