नगर निगम ने शहर में संपत्तिकर वसूली को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। करीब 8 हजार बड़े बकायादार नगर निगम के रडार पर हैं, जिनके विरुद्ध जोन-वार कार्रवाई की की जाएगी। जोन स्तर पर एक लाख रुपये से अधिक संपत्ति कर बकाया रखने वाले करदाताओं की सूची तैयार की जा रही है।
नगर निगम प्रशासन के अनुसार पूर्व में कई बार नोटिस जारी करने और बकाया जमा कराने के अवसर देने के बावजूद जिन संपत्ति स्वामियों ने कर जमा नहीं किया, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहले चरण में बड़े बकाएदारों की संपत्तियों को सील किया जाएगा, ताकि निगम के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
नगर निगम बोर्ड की बैठक में भी इस संबंध में पूर्व में स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि कर वसूली में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। यही नहीं, लगातार चेतावनी और नोटिस देने के बाद भी बकाएदार गंभीर नहीं है। इससे नगर निगम के विकास कार्य प्रभावित होते हैं। सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और सफाई जैसे बुनियादी कार्यों के लिए राजस्व की आवश्यकता होती है। इसी को देखते हुए अब जोनल स्तर पर टीमें गठित कर बकायादारों की पहचान, सत्यापन और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि जिन संपत्ति स्वामियों ने समय रहते कर जमा नहीं किया, उन्हें किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी। हालांकि निगम ने यह भी अपील की है कि बकाएदार स्वेच्छा से अपना कर जमा कर लें, ताकि सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई से बचा जा सके।