जनपद में मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा में लापरवाही के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती तेज कर दी है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों से कहा कि आईईसी कार्यक्रमों के अंतर्गत किए गए एमओयू के वर्क प्लान पर सुस्ती नहीं, बल्कि तेज और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने राया मंडी को क्लीन फ्रूट एंड वेजिटेबल मार्केट के रूप में विकसित करने का निर्देश देते हुए इसे ईट राइट सर्टिफिकेट से आच्छादित कराने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को शुद्ध फल और सब्जियां मिलना उसका अधिकार है, और इसमें लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में खासतौर पर जनपद में संचालित डेरियों और डेयरी उत्पादों की आपूर्ति करने वालों पर सख्ती के संकेत दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सभी डेयरी संचालकों की अभिसूचनाएं तत्काल एकत्र की जाएं और दूध व दुग्ध उत्पादों में मिलावट पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में संचालित सभी होटल एवं रेस्टोरेंटों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाए। तैयार भोजन के साथ-साथ पीने के पानी की भी नियमित जांच कराई जाए, ताकि लोगों की सेहत से कोई खिलवाड़ न हो सके। जनपद के सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को लाइसेंस और पंजीकरण के दायरे में लाया जाएगा। इसके लिए खाद्य पंजीकरण एवं लाइसेंस कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई भी खाद्य कारोबारी नियमों से बाहर न रहे।
बैठक में नगर आयुक्त जग प्रवेश, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा धीरेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी और व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।