वृंदावन में नववर्ष के अवसर पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने यह साबित कर दिया कि भक्ति की कोई उम्र नहीं होती। महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित और उत्तर प्रदेश महिला एवं बाल कल्याण निगम के माध्यम से नगला रामताल में संचालित वृद्ध माताओं के आश्रय स्थल कृष्ण कुटीर में भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन गायिका मोहिनी कृष्ण दासी की मधुर वाणी ने यहां निवासरत वृद्ध माताओं को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम में राधा रानी, श्रीकृष्ण और अन्य इष्ट देवों को समर्पित भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी गई। गोप-गोपी सेवा संस्थान वृंदावन से जुड़ी मोहिनी कृष्ण दासी के साथ शिवम ने भी संगत दी, जिससे भजनों की मिठास और गहराई बढ़ गई। लाडली तुझे तुझको बरसाना… जैसे लोकप्रिय भजनों पर वृद्ध माताएं स्वयं को रोक नहीं सकीं और भक्ति रस में डूबती चली गईं।
करीब ढाई सौ वृद्ध माताओं की उपस्थिति में यह भजन संध्या केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनाओं का उत्सव बन गई। भजनों की लय पर कई माताएं थिरकती नजर आईं, तो कई की आंखें श्रद्धा और आनंद से छलक उठीं। पूरा वातावरण हरिनाम संकीर्तन और भक्ति रस से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम के दौरान कृष्ण कुटीर प्रबंधन की ओर से शिल्पा मुरगई ने भजन गायिका मोहिनी कृष्ण दासी और शिवम को सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में कथा वाचिका मोहिनी कृष्ण दासी ने कृष्ण कुटीर के संचालन की सराहना करते हुए कहा कि सार्वजनिक शिक्षान्नयन संस्थान द्वारा यहां वृद्ध माताओं की भावनाओं, गरिमा और जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि खान-पान से लेकर आध्यात्मिक गतिविधियों तक की व्यवस्थाएं अन्य संस्थाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
भजन संध्या के सफल आयोजन में कृष्ण कुटीर की स्वयंसेवी महिलाओं की भूमिका भी सराहनीय रही, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को अनुशासन और गरिमा के साथ संपन्न कराया। इसके अतिरिक्त मोहिनी कृष्ण दासी ने गोविंद नगर, मथुरा स्थित वृद्धाश्रम में भी वृद्धजनों के मध्य भजन गायन प्रस्तुत किया। वहां संस्था के अध्यक्ष दीपक गोयल और श्री जौहरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने उन्हें सम्मानित किया।