मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार प्रदेश में 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। इस माह को ‘जीरो फेटेलिटी माह’ के रूप में मनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को शून्य के करीब लाया जा सके।
सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत बुधवार 07 जनवरीको यात्रीकर अधिकारी संदीप चौधरी एवं पूजा सिंह द्वारा एसडीटीटी वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, भूतेश्वर मथुरा में एक जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम खजानी वेलफेयर सोसाइटी के सहयोग से बालिकाओं को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बालिकाओं से अपील की कि वे अपने परिवारजनों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग चालक और सहयात्री दोनों के लिए अनिवार्य है। इस अवसर पर सभी बालिकाओं को सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई।
वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राजेश राजपूत द्वारा यमुना एक्सप्रेस-वे पर गति सीमा से अधिक वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई। प्रवर्तन अभियान के तहत 67 वाहनों का ओवरस्पीडिंग में चालान किया गया।
बुधवार को प्रमुख सचिव, परिवहन की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में निर्देश दिए गए कि यदि कोई व्यक्ति अवैध पार्किंग या बस स्टैंड का संचालन करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही बिना फिटनेस या परमिट के संचालित हो रहे स्कूल वाहनों एवं बसों को निरुद्ध कर उनके परमिट निरस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन दल द्वितीय) सतेन्द्र कुमार सिंह ने आमजन से अपील करते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद यदि कोई व्यक्ति गोल्डन ऑवर के भीतर घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे परिवहन विभाग की राहवीर योजना के अंतर्गत 25,000 रुपये की धनराशि एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा कैशलेस ट्रीटमेंट योजना 2025 के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ित को 1.50 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।