उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने गुरुग्राम (हरियाणा) की एम3एम फाउंडेशन के साथ एक समझौता किया है। इसके जरिए ब्रज क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों के विकास में सहयोग किया जाएगा। साथ ही स्थानीय आजीविका और सांस्कृतिक प्रलेखन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को ब्रज तीर्थ विकास परिषद कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल और डॉ. ऐश्वर्या महाजन (प्रबंध न्यासी एवं अध्यक्ष, एम3एम फाउंडेशन), अनुपमा मायराल (संस्थापक एवं सीईओ) सामर्थ्य डेवकनेक्ट एलएलपी के बीच चर्चा हुई। इस दौरान उत्तर प्रदेश पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। बैठक में ब्रज की संवेदनशील धार्मिक पहचान और तीर्थ क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर सहमति बनी।
एमओयू के तहत ब्रज क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे, ये कैमरे सेल्फ एनर्जी (सोलर) सिस्टम पर आधारित होंगे। जिसकी निगरानी पुलिस और ब्रज तीर्थ विकास परिषद संयुक्त रूप से करेंगी। जहां संभव होगा, वहां मौजूदा निगरानी प्रणालियों के साथ भी इनका एकीकरण किया जाएगा।
स्थानीय लोगों की आजीविका को सशक्त बनाने और ब्रज की पारंपरिक खान पान और छवि को बनाए रखने के उद्देश्य से स्ट्रीट वेंडर आजीविका पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया जाएगा। इसकी शुरुआत विश्व प्रसिद्ध तीर्थ नगरी वृंदावन से होगी। इसके अंतर्गत विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए वेंडिंग कार्ट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें स्वच्छता, सौंदर्य और ब्रज की सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप डिज़ाइन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रारंभिक चरण में 20 स्ट्रीट वेंडरों को इस परियोजना से जोड़ा जाएगा।
इसके साथ ही ब्रज की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए वृत्तचित्र प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। यह प्रतियोगिता छात्रों, फिल्म निर्माताओं के लिए खुली होगी। इसके माध्यम से ब्रज से जुड़ी प्रामाणिक कहानियों, शोध कार्यों और अभिलेखों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। एम3एम फाउंडेशन ब्रज से संबंधित शोध कार्यों के लिए फैलोशिप शुरू करेगा।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इच्छा के अनुरूप इन योजनाओं से ब्रज क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा ब्रज की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित होगा।