जागरण टुडे, कासगंज।
शहर कासगंज के चर्चित पल्तानी परिवार के प्रॉपर्टी विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में स्वर्गीय अमित पल्तानी की पत्नी रीना पल्तानी ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनके पति को धोखे से घर से ले जाकर मात्र 12 मिनट में करोड़ों रुपये की संपत्ति का बैनामा उनके जेठ संजय पल्तानी ने अपने नाम करा लिया। रीना का आरोप है कि इस पूरे कथित षड्यंत्र में तहसील कासगंज के रजिस्ट्रार और बैनामा लेखक की भी मिलीभगत रही।
नदरई गेट निवासी रीना पल्तानी ने प्रेस वार्ता में बताया कि उनके पति अमित पल्तानी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। इसी दौरान उनके जेठ संजय पल्तानी उन्हें दवा दिलाने के बहाने तहसील ले गए और वहां पहले से तैयार कागजी प्रक्रिया के जरिए लगभग 30 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति का बैनामा अपने नाम करा लिया। रीना का कहना है कि सामान्य तौर पर जहां बैनामा प्रक्रिया में घंटों लगते हैं, वहीं इस मामले में महज 12 मिनट में सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है।
रीना पल्तानी ने यह भी आरोप लगाया कि बैनामे के बाद अमित पल्तानी को शराब पिलाई गई, जबकि शराब उनके लिए घातक थी। इसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। रीना का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया, लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल सका। हालांकि इस मामले में सदर कोतवाली कासगंज में संजय पल्तानी सहित अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
वहीं, स्वर्गीय अमित पल्तानी के पुत्र आर्यन पल्तानी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि उनके पिता की मौत के लिए उनके ताऊ संजय पल्तानी जिम्मेदार हैं। आर्यन का कहना है कि उनके पिता को डॉक्टर को दिखाने के बहाने तहसील ले जाया गया और वहां संपत्ति का बैनामा करा दिया गया।
दूसरी ओर, संजय पल्तानी ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि यह पारिवारिक संपत्ति का विवाद है, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने दावा किया कि उनके भाई ने स्वेच्छा से संपत्ति उनके नाम की थी और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। संजय पल्तानी के अनुसार, पुलिस मामले की जांच कर रही है और सच जांच के बाद सामने आ जाएगा।