कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति श्री किरण पाल कश्यप ने की। इसमें जनपद मथुरा और फिरोजाबाद के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्रों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा और शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों की प्रगति का आकलन करना रहा।
बैठक में बलदेव विधायक श्री पूरन प्रकाश, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, नगर आयुक्त जग प्रवेश, मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना, एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत सहित दोनों जनपदों के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। लगभग 30 विभागों के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
सभापति श्री किरण पाल कश्यप ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों द्वारा विभिन्न विभागों को भेजे गए पत्रों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि निस्तारण के बाद संबंधित जनप्रतिनिधि को लिखित रूप से अवगत कराना अनिवार्य किया जाए। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
सभापति ने जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह को निर्देशित किया कि सभी विभागों से वर्ष 2025-26 में प्राप्त बजट और उसके उपयोग की विस्तृत जानकारी संकलित कर समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाए। उन्होंने 15 दिनों के भीतर यह विवरण उपलब्ध कराने को कहा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन विभागों में बजट का समुचित उपयोग हुआ है और कहां लापरवाही बरती गई है।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी विकास परियोजनाओं, निर्माण कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ही कराए जाएं। सभापति ने नगर आयुक्त और मुख्य विकास अधिकारी को वृंदावन की सर्विस रोड पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, विधायक बलदेव के साथ मिलकर सिंचाई विभाग को अपनी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के आदेश दिए गए।
समीक्षा बैठक में ग्राम्य विकास, नगर विकास, लोक निर्माण, पंचायतीराज, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, गृह, समाज कल्याण, कृषि, पर्यटन, परिवहन, पर्यावरण, वन, खाद्य एवं रसद, दुग्ध विकास, सहकारिता सहित अनेक विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में प्रशासनिक कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।