गलत ढंग से ओवरटेक कर रही बाइक पेशकार की कार से टकरा गई
सड़क पर मामूली टक्कर के बाद उपजा गुस्सा इतना जानलेवा हो सकता है, इसका खौफनाक उदाहरण अमरोहा जनपद में सामने आया है। रोडरेज की हैवानियत में जिला न्यायालय के एक जज के पेशकार की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह वारदात न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सड़कों पर कानून का कितना डर बचा है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नल निवासी राशिद हुसैन अमरोहा जिला न्यायालय में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की अदालत में पेशकार के पद पर तैनात थे। रविवार दोपहर वह अपनी पत्नी रुखसार, भतीजे सलमान और तीन बच्चों के साथ कार से मुरादाबाद जिले के गांव पट्टी स्थित रिश्तेदारी में जा रहे थे। रास्ते में बंबूगढ़–जोया बाईपास पर नहर की पुलिया के पास पीछे से आ रही एक बाइक ने गलत दिशा से ओवरटेक किया, इसी दौरान बाइक और कार की टक्कर हो गई।
टक्कर के बाद बाइक सवार युवकों से राशिद हुसैन की कहासुनी और झड़प हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह दोनों पक्षों को शांत करा दिया, लेकिन बाइक सवार युवक यहीं नहीं रुके। उन्होंने फोन कर अपने परिजनों और दोस्तों को बुला लिया और डिडौली कोतवाली क्षेत्र के संभल चौराहा पर कार को जबरन रोक लिया।
यहां दरिंदों ने कानून को खुलेआम चुनौती दी। राशिद हुसैन को कार से बाहर खींचकर उनकी पत्नी और मासूम बच्चों के सामने लात-घूंसों और डंडों से बेरहमी से पीटा गया। आरोपियों की बर्बरता यहीं नहीं रुकी, जब तक राशिद हुसैन अधमरे नहीं हो गए, तब तक हमलावर पीटते रहे। इसके बाद आरोपी फरार हो गए।
गंभीर हालत में राशिद हुसैन को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने मुरादाबाद रेफर कर दिया। परिजन उन्हें मुरादाबाद ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
मृतक के भतीजे सलमान की तहरीर पर कलीम पुत्र रहीस निवासी गांव हुसैनपुर थाना डिडौली, उसके चाचा और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।