जागरण टुडे, कासगंज।
अखिल भारतीय राम राम जागरण मंच के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में राम नाम कथा के आयोजन का संकल्प लिया गया है। इसी क्रम में तीसरे जनपद में भव्य राम कथा का आयोजन 19 जनवरी से शहर के बारह पत्थर मेंदान पर प्रारंभ होने जा रहा है। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, बल्कि जनमानस को प्रभु श्रीराम के आदर्शों, आचरण और जीवन मूल्यों से जोड़ने का एक व्यापक प्रयास है।
कथा वाचक निर्मल शास्त्री ने बताया राम कथा के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक श्रीराम के आदर्श—मर्यादा, सत्य, त्याग, करुणा और कर्तव्य—को पहुंचाने का उद्देश्य रखा गया है। मंच का मानना है कि प्रभु श्रीराम का आचरण केवल मानव समाज के लिए ही नहीं, बल्कि समस्त जीव-जगत के लिए प्रेरणास्रोत है। कथा के जरिए लोगों को जीवन में नैतिकता, सद्भाव और सामाजिक समरसता अपनाने की प्रेरणा दी जाएगी।
आयोजक भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने कहा कि यह समय सनातन संस्कृति के जागरण का है। “सनातन का बिगुल बज चुका है” के संदेश के साथ यह आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा। राम कथा को एक आध्यात्मिक यात्रा के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसमें आसपास के जनपदों सहित सभी श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया गया है। आयोजक समिति ने सभी से आग्रह किया है कि वे सनातन की इस यात्रा में अपनी सहभागिता और सहयोग प्रदान करें।
कथा के साथ-साथ धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी जागरूकता फैलाई जाएगी। इस पहल को “पर्यावरण शुद्धि” नाम दिया गया है। इसके अंतर्गत प्रातःकाल हनुमान जी के नाम से आहुतियां दी जाएंगी, जिनका उद्देश्य आध्यात्मिक शुद्धि के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।
आयोजकों का कहना है कि सनातन परंपरा कहीं भी कमजोर नहीं है, बल्कि ऐसे आयोजनों से इसकी जड़ें और मजबूत होती हैं। राम कथा न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि समाज को संस्कार, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगी।