नागरिक सुरक्षा की तैयारियों को परखने के लिए आगामी 23 जनवरी को उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में एक साथ ब्लैकआउट सायरन बजेगा। इस अवसर पर लाइट्स ऑफ अलर्ट ऑन मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रदेश की आपातकालीन व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा की जाएगी। मथुरा में इस अभ्यास को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।
नागरिक सुरक्षा संगठन के प्रभारी अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) राजेश यादव ने कलेक्ट्रेट स्थित नागरिक सुरक्षा कार्यालय पर बैठक कर वार्डन पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह मॉक ड्रिल केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता को परखने का अभ्यास है। बैठक में नवागत सहायक उप नियंत्रक नीरज श्रीवास्तव का स्वागत भी किया गया। साथ ही वार्डन सेवा के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती कर संगठन को और सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।
सीनियर स्टाफ ऑफिसर दीपक चतुर्वेदी बैंकर ने बताया कि हाल ही में प्रमुख सचिव नागरिक सुरक्षा संयुक्ता समद्दार एवं पुलिस महानिदेशक नागरिक सुरक्षा ध्रुव कांत ठाकुर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर होने वाली यह मॉक ड्रिल जनसुरक्षा की वास्तविक परीक्षा होगी, जिसमें प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका अहम रहेगी।
उन्होंने कहा—“लाइटें बंद होंगी, सिस्टम ऑन रहेगा, जवाबदेही तय होगी और परिणाम जमीन पर दिखना चाहिए।”
डीजी सिविल डिफेंस ध्रुव कांत ठाकुर ने सभी जनपदों में अग्निशमन, विद्युत, चिकित्सा, पुलिस प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभागों को नागरिक सुरक्षा के साथ पूर्ण समन्वय में कार्यक्रम संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में मथुरा में भी आपसी समन्वय से सभी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। लापरवाह वार्डनों को चेतावनी जारी करने और रिक्त पद तत्काल भरने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में राष्ट्रपति पदक से सम्मानित मुख्य वार्डन राजीव अग्रवाल बृजवासी, डिप्टी चीफ वार्डन कल्याण दास अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, वार्डन और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।