जनपद बरेली के थाना फरीदपुर पुलिस और एसओजी ने मादक पदार्थों की तस्करी के एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो मणिपुर से मॉरफीन लाकर बरेली में सप्लाई करता था। तस्करी करके कमाई गई रकम इतनी होती थी, जिसे हाथों से गिनना मुश्किल होता था। तस्कर नोटों की गिनती मशीन से करते थे। पुलिस ने इस गैंग के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास 1 किलो 400 ग्राम मॉरफीन बरामद हुई। बरामद मॉरफीन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये बताई जाती है।
पकड़े गए आरोपियों में अफजल पुत्र अंसार अली निवासी खानपुरा थाना मीरगंज, हसनैन खान पुत्र सरदार बली खां निवासी मवई काजियान थाना शेरगढ़ और तसलीम पुत्र तनवीर निवासी बाबर नगर थाना मीरगंज शामिल हैं। उनका साथी वसीम पुत्र नसीम निवासी ग्राम बेरा थाना फरीदपुर फरार हो गया, जिसकी पुलिस को तलाश है।
पुलिस के अनुसार 12 जनवरी मुखबिर से एक कैंटर में मॉरफीन जाने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर रेशमबाग फ्लाईओवर के पास चेकिंग के दौरान कैंटर पकड़ लिया। पुलिस के तलाशी लेने पर कैंटर में मॉरफीन बरामद हुई। उसमें सवार तीन लोगों को मौके पर दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे बरामद मॉरफीन मणिपुर से लेकिर आए थे, जिसे बरेली में सप्लाई किया जाना था।
आरोपियों ने बताया कि वे तस्करी की रकम को गिनने के लिए मशीन का इस्तेमाल करते थे। इस संबंध में थाना फरीदपुर पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मंगलवार को कोर्ट में पेश करने के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। फरार आरोपी वसीम की तलाश में दबिश दी जा रही है।