सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें और भड़काऊ पोस्ट डालकर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाले हैदरी दल के सबसे बड़े सोशल मीडिया अकाउंट का मास्टरमाइंड मो. मजहर अंसारी को कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को पुराना रोडवेज बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया है।हैदरी दल के सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ पहले भी दर्ज हो चुके हैं मुकदमे
कोतवाली पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर सक्रिय था और अलग-अलग अकाउंट्स और चैनल्स के जरिये दो समुदायों के बीच तनाव पैदा कर रहा था। ''''हैदर अली बरेली'''' नाम का मुख्य सोशल मीडिया अकाउंट पहले ही पुलिस की कार्रवाई में बंद कराया जा चुका था, लेकिन आरोपी ने नए नामों से फिर से सक्रिय होकर फेक न्यूज और भड़काऊ पोस्ट डालनी शुरू कर दी थी। कोतवाली इंस्पेक्टर सुरेश गौतम ने बताया कि आरोपी की पोस्ट से धार्मिक भावनाएं आहत हो रही थीं और समाज में गलत संदेश फैल रहा था।
इंस्पेक्टर कोतवाली ने बताया कि एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर पुलिस ने साइबर और सर्विलांस टीम की मदद से आरोपी के अकाउंट्स की जांच की और पाया कि उनका संचालन झारखंड के गिरिडीह जिले से हो रहा था। आरोपी को ट्रेस कर बरेली लाया गया और गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मजहर अंसारी ने स्वीकार किया कि वह अलग-अलग शहरों में रेस्टोरेंट में काम करता रहा और सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए दूसरे शहरों की घटनाओं के वीडियो उठाकर एडिट कर फर्जी खबरों के रूप में पोस्ट करता था। पुलिस ने आरोपी के पास से उसका मोबाइल फोन बरामद किया है, जिससे सभी आपत्तिजनक अकाउंट संचालित किए जा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ अकाउंट्स पर हजारों और कुछ पर 30 हजार से अधिक फॉलोअर्स थे, जिससे पोस्ट तेजी से वायरल होती थीं।
आरोपी मजहर पर पहले भी दर्ज हो चुके हैं मुकदमे
कोतवाली इंस्पेक्टर ने बताया कि 'हैदर अली बरेली' नाम से चल रहे सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ पहले भी कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। कार्रवाई के बाद ये अकाउंट बंद करा दिए गए थे, लेकिन कुछ समय बाद नए नामों से फिर सक्रिय हो गए और दोबारा फेक न्यूज और भड़काऊ पोस्ट डाली जाने लगीं। पुलिस ने आरोपी से बरामद मोबइल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
मोमोज बनाने का काम करता था दसवीं पास मजहर
कोतवाली इंस्पेक्टर के अनुसार आरोपी मजहर दसवीं पास है। पिता गांव में ही खेती करते हैं। उसके तीन भाई और एक बहन है। वह बैंगलोर में एक रेस्टोरेन्ट में मोमोज बनाने का काम करता था। जहां वह मार्च-अप्रैल 2025 तक रहा। इसके बाद अक्टूबर-नवम्बर 2025 में आन्ध्र प्रदेश के अन्नतापुर में पुलवाचारु रेस्टोरेन्ट में हेल्पर के तौर पर काम किया। इसके बाद दिल्ली में जमालुद्दीन के पास रहकर उसकी दुकान पर मोमोज बनाने का काम किया। इसी दौरान सोशल मीडिया पर वह सक्रिय हो गया और फॉलोवर बढ़ाने के लिये सोशल मीडिया एकाउन्ट्स पर वीडियो अपलोड करना नफरत फैलाने का काम शुरू कर दिया।
ऐसे लोगों के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई: एसएसपी
एसएसपी अनुराग आर्य ने सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए दूसरे शहरों की घटनाओं के वीडियो उठाकर एडिट कर फर्जी खबरों के रूप में पोस्ट करने वाले लोगों से सर्तकता बरतने की अपील की है। 'हैदरी दल' के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद दो टूक मैसेज दिया कि सोशल मीडिया पर फेक न्यूज फैलाने और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। स्पष्ट कहा कि ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।