जागरण टुडे,मीरगंज (बरेली)
बरेली जनपद के मीरगंज थाना इलाके में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जहां ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक युवक को डरा-धमकाकर 21 हजार रुपये ठग लिए। जब आरोपियों ने और 50 हजार रुपये की मांग की, तब जाकर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की।
जेल भेजने की धमकी देकर बनाया शिकार
यह मामला थाना मीरगंज क्षेत्र के ग्राम नौगवां निवासी इशरत से जुड़ा है। इशरत के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए युवक पर गंभीर आरोप लगाए और जेल भेजने की धमकी दी। अचानक आई कॉल और कानूनी कार्रवाई के डर से युवक घबरा गया।
क्यूआर कोड भेजकर वसूले 21 हजार रुपये
ठग ने मामला “रफा-दफा” करने के बदले पैसों की मांग की। डर के कारण इशरत उसकी बातों में आ गया। इसके बाद ठग ने एक क्यूआर कोड भेजा, जिसे स्कैन कर युवक ने 21,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
50 हजार की अतिरिक्त मांग पर हुआ शक
इतनी रकम मिलने के बाद भी ठग नहीं रुका और युवक से 50,000 रुपये की और मांग करने लगा। बार-बार पैसों की मांग होने पर इशरत को ठगी का शक हुआ। इस बार उसने पैसे देने से इनकार कर दिया और सीधे थाने पहुंच गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की मदद से कॉल करने वाले नंबर और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही ठगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
सावधानी संदेश
पुलिस या कोई भी सरकारी विभाग कभी भी फोन पर पैसे नहीं मांगता और न ही क्यूआर कोड भेजता है। ऐसी किसी भी कॉल पर घबराएं नहीं और तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।