इंदौर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति न मिलने और पैक्ड पानी प्रदूषित होने से कई निर्दोष लोगों की जान चली गई। देश भर में जबरदस्त प्रतिक्रियाएं हुईं। तब केंद्र सरकार ने छापामार कार्रवाई शुरू करा दी। उत्तर प्रदेश में भी आयुक्त खाद्य सुरक्षा व औषधि विभाग रोशन जैकव ने सघन चेकिंग अभियान शुरू कराया। इसके तहत बरेली मंडल और जिला स्तर पर सघन सैंपलिंग कार्य शुरू हुआ। सोमवार सुबह से शाम तक जिले भर में छापामारी हुई, जिसमें सरसों कच्ची घानी खाद्य तेल, नेपाली खाद्य तेल, धनिया, पैक्ड पेयजल आदि खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे गए। धनियां, सरसों का तेल और पैक्ड पानी का स्टाक क्लियर करने पर रोक लगा दी। इससे बाजार में हड़कंप मचा है।
खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग टीम ने मारे छापे, सैंपल भरे
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल नेतृत्व में फरीदपुर तहसील क्षेत्र ग्राम जेड़ कम्पीटेण्ट इंडस्ट्रियल पार्क स्थित मैसर्स सृष्टिपूर्ति वेलनेस कम्पीटेण्ट इंडस्ट्रियल पार्क में छापामार कार्रवाई की। यहां निरीक्षण के दौरान धनिया पाउडर के नमूने लिए गए। मौके पर बेचने के लिए भंडारित 108 किलोग्राम धनिया पाउडर को संदिग्ध पाए जाने पर तत्काल बिक्री पर रोक लगा दी गई। छापामार कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान में अफरा-तफरी मची रही।
इसके पश्चात टीम ने गौसगंज सराय, तहसील फरीदपुर स्थित मैसर्स खंडेलवाल एडिबिल ऑयल्स प्रा लि की खाद्य तेल पैकेजिंग इकाई पर छापा मारा। यहां कच्ची घानी सरसों खाद्य तेल नमूने लिए गए। साथ ही परिसर में रखा नेपाल निर्मित माया ब्रांड सरसों तेल के 15 किलोग्राम वाले टीन खोलकर नमूना संग्रह किया गया। जांच रिपोर्ट आने तक 110 टीन (प्रत्येक 15 किलोग्राम), जिनका बाजार मूल्य करीब 2.30 लाख रुपये है, की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके अलावा नेपाल में निर्मित साजन ब्रांड रैपसीड ऑयल के भी नमूने लिए गए। साथ ही 30 टीन, जिनका बाजार मूल्य लगभग 63 हजार रुपये है, को सील कर उसकी बिक्री पर रोक लगा दी गई। नमूना संग्रहण की पूरी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील सचान, राघवेन्द्र प्रताप वर्मा व हिमांशु सिंह द्वारा की गई। सभी नमूने जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला उत्तर प्रदेश भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किनले, एसआरएम स्प्रिंग और कैम्पा श्योर भी संदेह के घेरे में, नोटिस जारी
पैक्ड पेयजल अब फैशन नहीं जरूरत भी बन गया है। क्योंकि देश भर में जगह-जगह पानी बदल जाता है, और उसका स्वाद भी पीने लायक नहीं होता है। इसलिए यह कारोबार गलियां से लेकर हवाई जहाज तक फल फूल रहा है। रेलवे में नकली, गलियों और बाजारों में नकली पानी और हूबहू कंपनियों के रैपर से कन्फ्यूज हो जाते हैं। बिसलेरी, एक्वाफिना जैसे प्रचलित ब्रांड पैक्ड बोतलें भी बाजार में नकली बिक रही हैं। बोतल पर लगे रैपर से जल्दबाजी में कोई उसे समझ ही नहीं पाता है। पैक्ड कैम्पा श्योर, किनले और क्लीयर जैसे पेयजल ब्रांड बाजार में खूब प्रचलित हैं। बिसलेरी और एक्वाफिना भी उपलब्ध है। पैक्ड कैम्पा श्योर, किनले और क्लीयर जैसे पेयजल ब्रांड बरेली में ही उत्पाद तैयार हो रहे हैं। इनका मानक कितना सही है इसका अंदाजा किसी को नहीं है। सोमवार दोपहर हुई छापेमारी में संदिग्ध पेयजल मिला तो सैंपलिंग जरूर हो गई।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल के नेतृत्व वाली टीम ने मैसर्स एसआरएम स्प्रिंग प्रालि (क्लीयर ब्रांड पानी), अंधरपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में छापामार कार्रवाई की। यहां निरीक्षण के दौरान गंभीर कमियां पाए जाने पर इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया। सुधार न होने की स्थिति में लाइसेंस निलंबन की चेतावनी दी गई है। मैसर्स वृंदावन बेवरेजेज प्रा लि (किनले ब्रांड) को सुधार सूचना जारी करने और मैसर्स किस्टिल बेवरेजेज (कैम्पा स्योर ब्रांड) का लाइसेंस निलंबन किए जाने की संस्तुति केंद्रीय लाइसेंस प्राधिकारी को भेजी गई है।
छापामार कार्रवाई जारी रहेगी
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल ने बताया कि आम जनता को सुरक्षित और स्वस्थ्य पेय पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिलावटखोरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जनपद में यह सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।