जागरण टुडे, कासगंज।
नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की तीन दिनों से जारी हड़ताल ने पूरे नगर की स्वच्छता व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। शहर की प्रमुख सड़कों, गलियों और बाजार क्षेत्रों में कूड़े-कचरे के ढेर लग गए हैं। जगह-जगह नालियों का दूषित पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे नगर का वातावरण अत्यंत गंदा और असुरक्षित हो गया है। आम नागरिकों को दुर्गंध, गंदगी और आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्वच्छता व्यवस्था ठप होने से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। मच्छरजनित बीमारियों, डायरिया और त्वचा रोगों की आशंका को लेकर लोग चिंतित हैं। नगरवासियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो हालात और भयावह हो सकते हैं।
इस संबंध में शहर के व्यापारी नेता अखिलेश अग्रवाल ने नगर पालिका प्रशासन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी नगर की स्वच्छता के वास्तविक प्रहरी हैं और इनके बिना नगर को स्वच्छ रखना असंभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
अखिलेश अग्रवाल ने कहा कि नगर पालिका को अपने अहंकार को त्याग कर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। कर्मचारियों की जायज मांगों को शीघ्र स्वीकार कर हड़ताल समाप्त कराई जाए, ताकि नगरवासियों को गंदगी और बीमारी के खतरे से राहत मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सफाई कर्मचारी नगर पालिका की कथित तानाशाही के विरोध में हड़ताल पर हैं और अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। यदि प्रशासन ने जल्द ही समाधान नहीं निकाला, तो जनाक्रोश और अधिक बढ़ सकता है। उन्होंने नगर पालिका से अपील की कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए तत्काल वार्ता कर समस्या का समाधान निकाले।