जागरण टुडे, कासगंज।
शहर के बारहद्वारी क्षेत्र में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। बचपन से पप्पू नामक व्यक्ति, जो हनुमान मंदिर के बाहर वर्षों से साफ-सफाई कर अपने जीवनयापन करता था, बीते दिनों पैरालाइसिस की चपेट में आ गया। बीमारी के बाद उसके शरीर ने काम करना लगभग बंद कर दिया और वह मंदिर परिसर के पास ही असहाय अवस्था में पड़ा रहा। प्रतिदिन सैकड़ों लोग वहां से गुजरे, लेकिन किसी ने भी उसकी मदद करने की पहल नहीं की।
बताया जा रहा है कि पप्पू गंभीर हालत में अंतिम सांसें गिन रहा था। वह व्यक्ति, जो भगवान की चौखट पर रहकर सेवा करता था, जब स्वयं मदद का मोहताज हुआ तो समाज की संवेदनाएं कहीं नजर नहीं आईं। इसी दौरान शहर के समाजसेवी चंद्र प्रकाश शर्मा मंदिर पहुंचे। उनकी नजर पप्पू पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत एंबुलेंस सेवा को फोन किया, लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची।
इसके बाद समाजसेवी ने तत्काल सांसद देवेश शाक्य से संपर्क किया। सांसद की पहल और हस्तक्षेप के बाद कुछ ही मिनटों में एंबुलेंस मौके पर पहुंची और पप्पू को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों द्वारा उसका उपचार शुरू किया गया, लेकिन हालत अत्यंत गंभीर बनी रही।
मंगलवार सुबह उपचार के दौरान पप्पू ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम गृह भेज दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उसे अस्पताल पहुंचा दिया गया होता तो संभवतः उसकी जान बच सकती थी। इस घटना ने समाज की उदासीनता और संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल मृतक पप्पू की शिनाख्त हो चुकी है और उसके परिजन पोस्टमार्टम गृह पहुंच गए हैं। पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। यह घटना न केवल प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाती है, बल्कि आम लोगों से भी आत्ममंथन करने की मांग करती है कि जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आना कितना जरूरी है।